बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस इंवेस्टिगेशन ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है. 2026 की शुरुआत में ही ब्यूरो ने संकेत दे दिए हैं कि भ्रष्ट लोकसेवकों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा. विजिलेंस ने वर्ष 2025 में 8 भ्रष्ट अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की करीब 4 करोड़ 14 लाख रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने का प्रस्ताव अदालतों को भेज दिया है. स्वीकृति मिलते ही संपत्ति जब्ती की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
विजिलेंस इंवेस्टिगेशन ब्यूरो के मुताबिक, जिन आठ लोगों के खिलाफ संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा गया है, उनमें दो तत्कालीन मुखिया, एक अधीक्षण अभियंता, एक न्यायिक दंडाधिकारी, एक फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, एक अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), एक टैक्स दारोगा और एक सीडीपीओ शामिल हैं. इन सभी के खिलाफ वर्ष 2012 से 2019 के बीच भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए थे. लखीसराय के तत्कालीन फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर दिलीप कुमार के खिलाफ 2012 में मामला दर्ज हुआ था और उनकी 88.25 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव है.
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वहीं गोपालगंज के हथुआ में एसडीओ रहे विजय प्रताप सिंह की 62.35 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने की तैयारी है. उनके खिलाफ वर्ष 2015 में भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज हुए थे. इसके अलावा पटना ग्रामीण की तत्कालीन सीडीपीओ फूलपरी देवी, मोतिहारी नगर परिषद के तत्कालीन टैक्स दारोगा अजय कुमार गुप्ता और समस्तीपुर के जितवारिया पंचायत के तत्कालीन मुखिया प्रमोद कुमार राय की संपत्तियों को भी जब्त करने की प्रक्रिया चल रही है. इन मामलों में कुल 61 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति शामिल है.
वर्ष 2016 में ग्रामीण कार्य विभाग के तत्कालीन अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश मांझी और पश्चिम चंपारण के लौरिया प्रखंड के तत्कालीन मुखिया मैनेजर यादव के खिलाफ भी संपत्ति जब्ती की अनुशंसा की गई है. मैनेजर यादव की 1 करोड़ 70 लाख रुपये की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव है, जबकि ओमप्रकाश मांझी को पहले ही सरकारी सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है. इसके साथ ही दरभंगा के तत्कालीन न्यायिक दंडाधिकारी राकेश कुमार राय के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार मामले में 41.12 लाख रुपये की संपत्ति जब्ती का प्रस्ताव भेजा गया है.
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विजिलेंस इंवेस्टिगेशन ब्यूरो के डीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि अब तक 119 मामलों में 96.76 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. इनमें से 11 मामलों में 6.03 करोड़ रुपये की संपत्तियां अंतिम रूप से जब्त की जा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा.