बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बिसहा गांव के पास अचानक जंगली हाथियों का एक झुंड पहुंच गया. नेपाल के जंगल से आए झुंड के चलते पूरे गांव में हड़कंप मच गया. ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों ने खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को बुरी तरह रौंद डाला. करीब 10 एकड़ की फसलें बर्बाद हो गईं.
बस्ती को ओर बढ़े हाथी तो खदेड़ा
रात के अंधेरे में खेतों से गुजरते हुए हाथियों ने कई महीनों की मेहनत से तैयार की गई फसलों को चौपट कर दिया. जिसके बाद जंगली हाथियों का झुंड धीरे-धीरे गांव की बस्तियों की ओर बढ़ने लगा था. तब ग्रामीणों ने एकजुट होकर हाथियों को रोकने का प्रयास किया. उन्होंने मशालें जलाकर और शोर मचाते हुए उन्होंने हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ दिया. लेकिन किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं.
हाथियों ने चौपट की सालभर की फसल
ग्रामीण ने बताया कि हमने कई महीनों की मेहनत से ये फसल तैयार की थी, लेकिन हाथियों ने सब कुछ नष्ट कर दिया. अब हमारी साल भर की कमाई चली गई.
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के रेंजर राजकुमार पासवान ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि बर्बाद हुई फसलों का सर्वे किया जा रहा है और प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे जंगली जानवरों से दूरी बनाकर रखें और किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग को सूचित करें.
हाथी ने रौंदकर मार डाला था शख्स को
अभी चार दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के बहराइच से हाथी के हमले की घटना सामने आई थी. यहां साइकिल से जा रहे युवक को जंगली हाथी ने रौंदकर मार डाला. घटना के बारे में जानकारी मिलने पर रेंजर ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया. मृतक युवक कतरनियाघाट वन्य जीव प्रभाग इलाके के भवानीपुर गांव से सब्जी बेचने नेपाल जा रहा था. उसी दौरान रास्ते में ये घटना हो गई.