scorecardresearch
 

RTI में खुलासा, दिल्ली में बैन 40 लाख वाहनों में से केवल 3,196 जब्त

एनजीटी ने 2014 में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था.

Advertisement
X
दिल्ली में वायु प्रदूषण से लोग बेहाल
दिल्ली में वायु प्रदूषण से लोग बेहाल

भारी वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार के करीब 40 लाख पुराने वाहनों का पंजीकरण रद्द करने की संभावना है. लेकिन वर्ष 2014 में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा प्रतिबंधित इन वाहनों में से अब तक केवल 3,196 वाहनों को ही जब्त किया जा सका है.

एनजीटी ने 2014 में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया था. इस नियम को लागू करने की जिम्मेदारी दिल्ली यातायात पुलिस और के परिवहन विभाग पर थी. इस प्रतिबंध की पुष्टि उच्चतम न्यायालय ने भी की है. लेकिन सूचना के अधिकार (आरटीआई) से जुटायी गई जानकारी में इन करीब 40 लाख वाहनों में से केवन 0.079 प्रतिशत वाहनों को ही प्रतिबंधित किया जा सका है.

आरटीआई कार्यकर्ता दीपक जुनेजा द्वारा इस संबंध में दायर एक याचिका के जवाब में जानकारी दी गई है कि 2014 से अब तक दोनों एजेंसियों ने कुल 40 लाख वाहनों में से मात्र 3,196 वाहनों को ही जब्त किया है, यह कुल वाहनों का मात्र 0.079 प्रतिशत है.

Advertisement

आरटीआई के जवाब में दिल्ली सरकार के ने जानकारी दी कि 2014 में प्रतिबंध के बाद से 31 अगस्त 2018 तक उसने केवल 106 पुराने वाहनों को ही हटाया है. एनजीटी के प्रतिबंध लगाने के बाद दिल्ली यातायात पुलिस ने भी इस संबंध में कड़ी कार्रवाई किए जाने के कई परिपत्र जारी किए लेकिन आंकड़े दिखाते हैं कि इस मामले में जमीन पर कोई बहुत ज्यादा तरक्की नहीं हुई.

उल्लेखनीय है कि दिल्ली में 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द किया जाना है. अगर यह वाहन सड़क पर चलते पाए जाते हैं तो वह दिल्ली द्वारा जांच में पकड़े जाएंगे. इनके रद्द किए गए पंजीकरण क्रमांक दिल्ली पुलिस द्वारा हाथ में रखी जाने वाली जांच मशीन में आ जाएंगे.

दिल्ली यातयात पुलिस ने 2014 से 27 सितंबर 2018 तक 15 साल पुराने 1,242 पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने 1,848 डीजल वाहनों को जब्त किया है. दिल्ली पुलिस द्वारा उपलब्ध कराये गए चालान आंकड़ों के आधार पर इस अवधि में उसने 15 साल पुराने 1,411 पेट्रोल वाहनों और 10 साल पुराने 354 वाहनों को चालान जारी किए. एक अध्ययन के अनुसार दिल्ली की हवा खराब करने में वाहनों का प्रदूषण अहम योगदान अदा करता है. इससे हर साल करीब 10,000 लोगों की मौत हो जाती है.

Advertisement
Advertisement