
Volvo EX30 Electric Car Recall: दुनियाभर में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसी बीच सेफ्टी से जुड़ी चिंताओं ने एक बार फिर ऑटो इंडस्ट्री का ध्यान खींचा है. इसी कड़ी में स्वीडन की प्रमुख कार निर्माता कंपनी Volvo ने अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी EX30 को लेकर बड़ा रिकॉल शुरू किया है. कंपनी ने बैटरी से जुड़ी संभावित आग के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया है, जिससे हजारों ग्राहक प्रभावित हो सकते हैं.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस रिकॉल में Volvo EX30 इलेक्ट्रिक एसयूवी के कुल 40,323 यूनिट शामिल हैं. इनमें सिंगल-मोटर एक्सटेंडेड रेंज और ट्विन-मोटर परफॉर्मेंस वेरिएंट आते हैं. कंपनी का कहना है कि हाई-वोल्टेज बैटरी पैक के ज्यादा गर्म होने का खतरा है, जिससे आग लगने की आशंका बन सकती है.
वोल्वो ने साफ किया है कि वह इस रिकॉल से प्रभावित सभी वाहन मालिकों से खुद संपर्क कर रही है और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दे रही है. खराब बैटरी मॉड्यूल को बिना किसी शुल्क के बदला जाएगा. कंपनी का कहना है कि ग्राहकों की सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है. जब तक बैटरी मॉड्यूल बदले नहीं जाते, तब तक वोल्वो ने एहतियात के तौर पर कुछ सलाह दी है.

कंपनी ने ग्राहकों से कहा है कि वे अपनी EX30 को खुले स्थान में पार्क करें और कार की बैटरी को केवल 70 प्रतिशत तक चार्ज करें. ताकि किसी भी तरह के खतरे को कम किया जा सके. बता दें कि, बैटरी को ज्यादा चार्ज करने से इनका सेल गर्म होता है, जिससे आग लगने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा खुले जगह में पार्किंग से किसी भी तरह के इमरजेंसी सिचुएशन में सुरक्षित रहा जा सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि, EX30 में इस्तेमाल की गई बैटरियां शैनडांग गिली सनवोड पावर बैटरी कंपनी से आती हैं, जो वोल्वो की पैरेंट कंपनी Geely से जुड़ा एक जॉइंट वेंचर है. सप्लायर ने बैटरी में आई खामी को मानते हुए उसे ठीक करने की बात कही है. कंपनी का कहना है कि, तकनीकी समस्या को ठीक कर लिया गया और अब नए रिप्लेसमेंट सेल्स उपलब्ध कराए जाएंगे.
अमेरिका में कम से कम Volvo EX30 के तकरीबन 40 यूनिट इस रिकॉल के दायरे में आए हैं. वोल्वो ने वहां की सड़क सुरक्षा एजेंसी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) को इस रिकॉल के बारे में अलर्ट कर दिया है. कंपनी ने एजेंसी को बताया है कि 2025 के बने हुए कुछ मॉडल्स में शॉर्ट सर्किट और ओवरहीटिंग की समस्या हो सकती है. वाहन मालिकों को इसके बारे में सूचित किया जाएगा और मरम्मत पूरी तरह मुफ्त होगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, बैटरी मॉड्यूल बदलने में वोल्वो को करीब 195 मिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है. हालांकि असली असर कंपनी की उस छवि पर पड़ सकता है, जिसे वह सालों से एक सुरक्षित कार निर्माता के तौर पर बनाती आई है. इस रिकॉल का रेफरेंस नंबर R10355 है और ग्राहक इस मामले में ज्यादा जानकारी के लिए वोल्वो कस्टमर सर्विस से संपर्क कर सकते हैं.