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Bidar Choghadiya 24 August 2026

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Day Choghadiya
  • अमृत 06:04 AM - 07:38 AM
  • काल 07:38 AM - 09:13 AM Rahu Kaal
  • शुभ 09:13 AM - 10:47 AM
  • रोग 10:47 AM - 12:22 PM (गुलिक काल)
  • उद्वेग 12:22 PM - 01:56 PM
  • चर 01:56 PM - 03:31 PM (गुलिक काल)
  • लाभ 03:31 PM - 05:05 PM
  • अमृत 05:05 PM - 06:40 PM
Night Choghadiya
  • चर 05:05 PM - 06:40 PM
  • रोग 05:05 PM - 06:40 PM
  • काल 05:05 PM - 06:40 PM
  • लाभ 05:05 PM - 06:40 PM
  • उद्वेग 05:05 PM - 06:40 PM
  • शुभ 05:05 PM - 06:40 PM
  • अमृत 05:05 PM - 06:40 PM
  • चर 05:05 PM - 06:40 PM
  • अमृत, शुभ और लाभ को सबसे शुभ चौघड़िया माना जाता है.
  • उद्वेग, काल और रोग को अशुभ चौघड़िया माना जाता है.
  • चर को अच्छा चौघड़िया माना जाता है.
  • Rahu Kaal राहु काल को अशुभ समय माना जाता है.

बीदर का चौघड़िया: दिन और रात के शुभ-अशुभ समय

बीदर में आज का चौघड़िया स्थानीय सूर्योदय के साथ शुरू होता है। दिन की शुरुआत लाभ (03:31 PM) से हो रही है, जो धन और नए काम की शुरुआत के लिहाज़ से अच्छा समय माना जाता है। इसके बाद अमृत (05:05 PM - 06:40 PM) आता है, जिसे पूरे दिन का सबसे बढ़िया समय कहा जाता है—इस दौरान आप महत्वपूर्ण फैसले ले सकते हैं। हालांकि काल (07:38 AM - 09:13 AM) और रोग (10:47 AM - 12:22 PM) के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये समय सामान्यतः अशुभ माने जाते हैं। शुभ (09:13 AM - 10:47 AM) का समय फिर से सकारात्मकता लेकर आता है, जबकि उद्वेग (12:22 PM - 01:56 PM) में मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है। चर (01:56 PM - 03:31 PM) को औसत फल देने वाला समय माना जाता है, जहां नियमित काम किए जा सकते हैं। दिन का समापन दोबारा लाभ (05:05 PM) के साथ होता है। रात के चौघड़िया की शुरुआत उद्वेग (10:56 - 12:22) से होती है, इसलिए इस समय में जल्दबाज़ी से बचना बेहतर है। इसके बाद शुभ (05:30 - 05:30) और अमृत (05:30 - 05:30) का समय आता है, जो पूजा-पाठ या योजना बनाने के लिए अनुकूल रहता है। आगे चर (05:30 - 06:04) सामान्य समय है, जबकि रोग (08:05 - 09:31) और काल (09:31 - 10:56) में सावधानी जरूरी है। रात के आखिरी हिस्से में लाभ (10:56 - 12:22) फिर से सकारात्मक संकेत देता है, जबकि अंत उद्वेग (05:30) के साथ होता है।
👉 ध्यान रखें, आज राहु काल (07:38 - 09:13) के दौरान कोई भी शुभ काम शुरू करने से बचना चाहिए।

बीदर आज का चौघड़िया से जुड़े सवाल जवाब

बीदर में आज का चौघड़िया क्या है?
बीदर में आज का चौघड़िया दिन और रात के हिसाब से अलग-अलग समय में विभाजित है। दिन में लाभ (03:31 PM), अमृत (05:05 PM - 06:40 PM) और शुभ (09:13 AM - 10:47 AM) को अच्छा समय माना जाता है, जबकि काल (07:38 AM - 09:13 AM) और रोग (10:47 AM - 12:22 PM) से बचने की सलाह दी जाती है।
बीदर में आज सबसे शुभ चौघड़िया कौन सा है?
आज बीदर में अमृत (05:05 PM - 06:40 PM) को सबसे शुभ समय माना जाता है। इसके अलावा शुभ (09:13 AM - 10:47 AM) और लाभ (05:05 PM) में भी आप महत्वपूर्ण काम शुरू कर सकते हैं।
बीदर में आज कौन सा समय अशुभ है?
बीदर में आज काल (07:38 AM - 09:13 AM), रोग (10:47 AM - 12:22 PM) और उद्वेग (12:22 PM - 01:56 PM) अशुभ समय माने जाते हैं। इन दौरान नए कार्य या निवेश से बचना बेहतर रहता है।
बीदर में रात का चौघड़िया कब से कब तक है?
बीदर में रात का चौघड़िया 18:40 से शुरू होता है, जिसमें शुभ (05:30 - 05:30) और अमृत (05:30 - 05:30) अच्छे समय माने जाते हैं, जबकि काल (09:31 - 10:56) और रोग (08:05 - 09:31) से बचना चाहिए।
बीदर में आज राहु काल कब है?
बीदर में आज का राहु काल (07:38 - 09:13) है। इस समय में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है।
क्या बीदर में आज यात्रा के लिए शुभ समय है?
अगर आप बीदर में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो लाभ (03:31 PM), शुभ (09:13 AM - 10:47 AM) और अमृत (05:05 PM - 06:40 PM) का समय सबसे अच्छा माना जाता है। राहु काल और काल चौघड़िया से बचना चाहिए।
बीदर में दिन और रात के चौघड़िया में क्या अंतर है?
बीदर में दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त तक और रात का चौघड़िया सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। दोनों में शुभ और अशुभ समय अलग-अलग स्लॉट में तय किए जाते हैं।
बीदर में आज कौन सा चौघड़िया सामान्य है?
आज बीदर में चर (01:56 PM - 03:31 PM) और चर (05:30 - 06:04) को सामान्य चौघड़िया माना जाता है, जिसमें रोज़मर्रा के काम किए जा सकते हैं।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया हिंदू पंचांग पर आधारित व्यवस्था है, जिसमें दिन और रात को अलग-अलग हिस्सों या मुहूर्त में बांट कर देखा जाता है. इसमें से हर हिस्से का शुभ या अशुभ प्रभाव माना जाता है. इसके आधार पर लोग काम शुरू करने का सही समय चुनते हैं. चौघड़िया एक पारंपरिक हिंदू समय गणना प्रणाली है, जिसमें दिन-रात को 8-8 भागों में बाँटकर शुभ और अशुभ समय तय किया जाता है, ताकि लोग सही समय पर अपने काम शुरू कर सकें. पहले, दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 8 भागों में बाँटा जाता है. वहीं, रात (सूर्यास्त से सूर्योदय) को भी 8 भागों में बाँटा जाता है. हर भाग को चौघड़िया कहा जाता है.

चौघड़िया के प्रकार

चौघड़िया दो प्रकार का होता है, शुभ और अशुभ.

शुभ चौघड़िया

यह निम्न प्रकार का होता है

अमृत – सबसे शुभ, हर काम के लिए अच्छा

शुभ – नए काम की शुरुआत के लिए अच्छा

लाभ – व्यापार और पैसे से जुड़े काम के लिए सही

चर – यात्रा और सामान्य कामों के लिए ठीक

अशुभ चौघड़िया

यह निम्न प्रकार का होता है

रोग – बीमारी या परेशानी का संकेत

काल – जोखिम भरा समय

उद्वेग – तनाव और बाधाओं वाला समय

चौघड़िया का इस्तेमाल कहाँ होता है?

चौघड़िया यह तय करने में मदद करता है कि किसी कार्य को करने का यह ठीक वक़्त है कि नहीं. ऐसे में नया काम शुरू करने, यात्रा शुरू करने, खरीदारी या निवेश के पहले इसे इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा, शुभ मुहूर्त न मिलने पर विकल्प के रूप में भी किया जाता है.

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