'कूटनीति' में आज बात कैदी नंबर 804 की. पाकिस्तान का हुक्मरान चाहता था कि दुनिया इस नंबर को याद रखे, लेकिन उस इंसान को भूल जाए. मगर हुआ ठीक इसका उल्टा. वो इंसान आज बिना कोई रैली किए पूरे पाकिस्तान की राजनीति पर भारी पड़ रहा है. आज इमरान खान को जेल गए पूरे तीन साल हो चुके हैं. उन्हें अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के ज़रिए सत्ता से हटाया गया और फिर जेल में डाल दिया गया. मकसद था कि उन्हें जनता की नज़र से दूर कर दिया जाए. लेकिन इमरान खान को खामोश करने की हर कोशिश ने उन्हें और भी बड़ा जन-नेता बना दिया. तो आज 'कूटनीति' में समझेंगे कि कैसे एक कैदी अपने जेल भेजने वालों से भी ज़्यादा ताकतवर बन गया?