इजरायल और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इजरायल की वायु सेना के दर्जनों लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी और वे ईरान की सीमा के बेहद करीब पहुंच गए. उस समय ईरान में यह गहरा अंदेशा बन गया था कि किसी भी क्षण बमबारी शुरू हो सकती है। दरअसल, यह सैन्य अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह इजरायल की मुख्य सीमा से लगभग 800 मील से भी अधिक दूरी पर आयोजित किया गया था.