आर्मेनिया की संसद में उस समय अभूतपूर्व हंगामा और बवाल देखने को मिला, जब भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों के बाद सांसद आपस में भिड़ गए. देखते ही देखते संसद की कार्यवाही हाथापाई और धक्का-मुक्की में बदल गई. इस पूरे विवाद की मुख्य शुरुआत तब हुई जब एक विपक्षी नेता ने संसद अध्यक्ष पर सरकारी पैसों के गबन और अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया.