वेनेजुएला का तेल भारत को बेच यूएस कर रहा खूब कमाई! लेकिन कहां 'गायब' हो रहे अरबों डॉलर

अमेरिका ने इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला के तेल निर्यात पर कंट्रोल कर लिया है, जिसके तहत पहले चार महीनों में लगभग 10 करोड़ बैरल तेल 8 अरब डॉलर की अनुमानित कीमत पर बेचा गया है. हालांकि, इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी की कमी को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

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ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल निर्यात को अपने कंट्रोल में रखा है (Photo: Reuters/AI) ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल निर्यात को अपने कंट्रोल में रखा है (Photo: Reuters/AI)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:36 PM IST

इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर वहां के तेल निर्यात पर अपना कब्जा कर लिया था. वेनेजुएला के तेल निर्यात पर नियंत्रण स्थापित किए जाने के बाद पहले चार महीनों में करीब 10 करोड़ बैरल तेल बेचा जा चुका है. इसकी अनुमानित कीमत 8 अरब डॉलर है. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी की कमी को लेकर सवाल उठ रहे हैं. 

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ट्रंप प्रशासन ने कई बार दावा किया है कि यह व्यवस्था अमेरिका और वेनेजुएला दोनों के हित में है, लेकिन अब तक यह सार्वजनिक नहीं किया गया है कि उसने कितना तेल बेचा, उससे कितनी कमाई हुई और उस पैसे का इस्तेमाल कैसे किया गया.

ब्लूमबर्ग के टैंकर-ट्रैकिंग डेटा और वेनेजुएला के कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट के आधार पर अनुमान है कि अमेरिकी नियंत्रण वाले तेल निर्यात का मूल्य अप्रैल में 3.7 अरब डॉलर (करीब 11 लाख बैरल प्रतिदिन) तक पहुंच गया.  जनवरी में यह लगभग 60 करोड़ डॉलर (करीब 3.8 लाख बैरल प्रतिदिन) था.

3 जनवरी के बाद वेनेजुएला के तेल के सबसे बड़े खरीदारों में अमेरिका (43%), भारत (26%) और स्पेन (8%) शामिल रहे.

तेल बिक्री से मिले पैसे का क्या हुआ?

अमेरिकी प्रशासन ने कांग्रेस को कुछ सीमित जानकारी दी है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जनवरी में बताया था कि 30 करोड़ डॉलर कतर में बनाए गए एक शॉर्ट-टर्म अकाउंट के जरिए वेनेजुएला को भेजे गए, जबकि 20 करोड़ डॉलर अभी भी उसी अकाउंट में थे. बाद में ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि पूरे 50 करोड़ डॉलर वेनेजुएला को ट्रांसफर कर दिए गए हैं और आगे से अमेरिकी ट्रेजरी अकाउंट्स का इस्तेमाल होगा.

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इसके बावजूद प्रशासन ने अब तक यह नहीं बताया है कि कतर वाले अकाउंट से धन कैसे खर्च किया गया या भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए कौन-सी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई थी. अप्रैल में विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कांग्रेस को बताया कि लगभग 3 अरब डॉलर वेनेजुएला को जारी करने की मंजूरी दी गई है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी अकाउंट्स में कितनी राशि बची है, इसकी जानकारी उनके पास भी नहीं थी.

मार्को रुबियो ने जनवरी में कांग्रेस से कहा था कि वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और यही भ्रष्टाचार वहां की सत्ता को टिकाए हुए था. लेकिन पांच महीने बाद भी सत्ता ढांचे में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अब भी अलग-अलग चाविस्ता गुटों पर नियंत्रण बनाए हुए हैं और अमेरिका की सीमित आर्थिक शर्तों का पालन कर रही हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी सार्वजनिक रूप से प्रशंसा भी की है.

रुबियो ने यह भी बताया कि वेनेजुएला हर महीने अपना बजट प्रस्ताव अमेरिकी विदेश विभाग की मंजूरी के लिए भेजने पर सहमत हुआ है, ताकि उसे तेल राजस्व का हिस्सा मिल सके.

प्रतिबंधों में राहत, लेकिन स्पष्ट नीति नहीं

रोड्रिगेज को बदले में अमेरिका से कई फायदे मिले हैं, जिनमें कूटनीतिक मान्यता और कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी राहत शामिल है. अमेरिकी प्रशासन ने विशेष छूट (जनरल लाइसेंस) जारी कर अमेरिकी कंपनियों और नागरिकों को वेनेजुएला के तेल, खनन और वित्तीय क्षेत्रों में कारोबार की अनुमति दी है.

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हालांकि ये छूट कभी भी वापस ली जा सकती हैं और इनके लिए कोई स्पष्ट दीर्घकालिक नीति घोषित नहीं की गई है.

पहले ट्रंप प्रशासन ने प्रतिबंध हटाने के लिए स्पष्ट शर्तें तय की थीं, लेकिन इस बार ऐसा कोई रोडमैप सामने नहीं आया. विश्लेषकों का मानना है कि अगर प्रतिबंध पूरी तरह हटाने हैं तो वेनेजुएला को राजनीतिक कैदियों की रिहाई, निष्पक्ष चुनाव और स्वतंत्र संसद, न्यायपालिका तथा चुनाव आयोग जैसी लोकतांत्रिक शर्तें पूरी करनी होंगी.

IMF के 5 अरब डॉलर पर भी नजर

रिपोर्ट के अनुसार, डेल्सी रोड्रिगेज की एक बड़ी मांग अब भी अधूरी है. वे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में वेनेजुएला के लगभग 5 अरब डॉलर के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) तक पहुंच चाहती हैं, जो 2019 से रुके हुए हैं. विशेषज्ञों का सुझाव है कि अमेरिका को इस राशि तक पहुंच को लोकतांत्रिक सुधारों से जोड़ना चाहिए.

रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल आर्थिक दबाव से स्थायी लोकतांत्रिक परिवर्तन संभव नहीं होगा. ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के विपक्ष और नागरिक समाज को डेल्सी रोड्रिगेज के साथ भविष्य पर होने वाली बातचीत से बाहर रखा है, जिसे एक बड़ी गलती माना जा रहा है.

विपक्ष के 29 मई के 'पनामा घोषणापत्र' में राष्ट्रपति चुनाव, राजनीतिक वार्ता और व्यापक राष्ट्रीय संवाद की मांग की गई है.

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तेल ही नहीं, वेनेजुएला के सोना निर्यात पर भी अमेरिकी नियंत्रण

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन केवल तेल ही नहीं बल्कि वेनेजुएला के सोने और अन्य खनिजों के निर्यात को भी नियंत्रित कर रहा है.

अमेरिकी गृह मंत्री डग बर्गम ने मार्च में वेनेजुएला की यात्रा के बाद दावा किया था कि उन्होंने 10 करोड़ डॉलर मूल्य का सोना सुरक्षित कराया और ट्रेडिंग कंपनी ट्रैफिगुरा के साथ वेनेजुएला के एक हजार किलोग्राम तक सोना बेचने की व्यवस्था कराने में मदद की.

हालांकि, तेल की तरह ही इन खनिजों से होने वाली आय के प्रबंधन और उपयोग को लेकर भी पारदर्शिता की कमी बनी हुई है. प्रशासन ने अभी तक उन लिखित समझौतों को सार्वजनिक नहीं किया है, जिनके आधार पर तेल और खनिज निर्यात से मिलने वाले राजस्व का संचालन किया जा रहा है.

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