अमेरिका के दो डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूसी तेल खरीदने पर लगी पाबंदियों में और छूट न देने की अपील की है.उनका कहना है कि अब इस छूट को आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं बनता है, क्योंकि ईरान के साथ युद्ध अब खत्म हो चुका है.
ये अपील सीनेटर जीन शाहीन और एलिजाबेथ वॉरेन ने एक साझा बयान में की है. उनका मानना है कि इस छूट की वजह से रूस को फायदा हुआ है क्योंकि इससे मिले फंड का इस्तेमाल वे यूक्रेन के खिलाफ अपनी अवैध जंग चलाने के लिए कर रहा है.
दरअसल, मार्च में अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी थी. ये छूट वैश्विक तेल बाजार को स्थिर करने के लिए दी गई थी, क्योंकि 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध की वजह से कच्चे तेल के दाम अचानक बहुत बढ़ गए थे.
प्रतिबंधों में छूट का विरोध और सीनेटरों के बयान
ये राहत बाद में दुनिया के कुछ अन्य देशों को भी दे दी गई. एक महीने की इस राहत को दो बार बढ़ाया जा चुका है और इसकी आखिरी तारीख 17 जून है. इस पर दोनों सीनेटर्स ने कड़ा विरोध जताया है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सीनेटर्स ने अपने साझा बयान में कहा 'इस लाइसेंस को एक बार फिर बढ़ाने से व्लादिमीर पुतिन को भारी वित्तीय लाभ कमाने का एक और मौका मिलेगा, जबकि वो यूक्रेन के खिलाफ अपना क्रूर युद्ध जारी रखे हुए हैं.'
उनका कहना है कि इसे बढ़ाना ट्रंप के उस ऐलान के खिलाफ होगा जिसमें उन्होंने ईरान युद्ध को खत्म बताया था. इसके साथ ही, तेल बाजार को स्थिर करने के ट्रंप के प्रयास पूरी तरह विफल रहे हैं, क्योंकि अमेरिकी जनता पहले ही पेट्रोल पंप और राशन की दुकानों पर महंगी कीमतों का बोझ उठा रही है.
ट्रंप प्रशासन को सख्त चेतावनी
बता दें कि न्यू हैम्पशायर की सीनेटर जीन शाहीन सीनेट की विदेश संबंध समिति की वरिष्ठ सदस्य हैं. वहीं, मैसाचुसेट्स की एलिजाबेथ वॉरेन बैंकिंग, आवास और शहरी मामलों की समिति की वरिष्ठ सदस्य हैं.
दोनों महिला सीनेटर्स ने ट्रंप को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रशासन अब इस लाइसेंस को रिन्यू करता है तो ये सबसे स्पष्ट संकेत होगा कि राष्ट्रपति को खुद अपनी डील पर भरोसा नहीं है. साथ ही, ये चार साल से जारी जंग और मासूमों की मौत के बावजूद पुतिन के सामने घुटने टेकने जैसा होगा.
बयान के आखिर में सीनेटर्स ने साफ कहा कि इस छूट से सिर्फ हमलावर रूस को फायदा हुआ है. यूक्रेन अपनी आजादी के लिए लड़ रहा है, जबकि रूस इस कमाई का इस्तेमाल उसी के खिलाफ युद्ध में कर रहा है.
सीनेटर्स, ने राष्ट्रपति को सलाह देते हुए कहा हमें उम्मीद है कि ट्रंप इस साफ बात को समझेंगे कि यूक्रेन जीत रहा है. अगर वे शांति समझौता चाहते हैं, तो उन्हें पुतिन पर दबाव बनाना चाहिए, न कि प्रतिबंधों में ढील देनी चाहिए. इस तरह कमजोरी दिखाने से पुतिन का हौसला और बढ़ेगा और युद्ध कभी खत्म नहीं होगा.
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