अमेरिका और ईरान के बीच जंग कायम है और इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष के साथ बातचीत की. इसके साथ ही,उन्होंने क्यूबा पर नए प्रतिबंध भी लगा दिए हैं.
ट्रंप ने ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डा सिल्वा के साथ एक अहम बैठक की. ट्रंप ने राष्ट्रपति लुला को एक 'बेहद ऊर्जावान' नेता बताया. उन्होंने कहा कि बैठक बहुत अच्छी रही और इसमें व्यापार और 'टैरिफ' जैसे मामलों पर चर्चा हुई.
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ब्राजील अब इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए जल्द ही मुलाकात करेंगे. ब्राजील के अलावा, ट्रंप ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ भी फोन पर लंबी बातचीत की.
ईरान मुद्दे पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष से चर्चा
डेर लेयेन और ट्रंप के बीच बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु मुद्दा रहा. ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ इस बात पर पूरी तरह एकजुट हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल करने नहीं दिया जा सकता. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि जो शासन अपने ही लोगों की हत्या करता है, उसे परमाणु शक्ति बनने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
क्यूबा पर कड़े प्रतिबंध
दूसरी तरफ ट्रंप ने क्यूबा के कम्युनिस्ट शासन के खिलाफ अपनी कार्रवाई और सख्त कर दी है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया के जरिए नए प्रतिबंधों की जानकारी दी.
रुबियो ने कहा कि क्यूबा सरकार हमारे क्षेत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है. ऐसे में आज लगाए गए प्रतिबंध इस बात का सबूत है कि ट्रंप सरकार चुपचाप नहीं बैठेगी. रुबियो ने चेतावनी दी कि जब तक क्यूबा सरकार कोई सही कदम नहीं उठाता, तब तक अमेरिका अपनी कार्रवाई जारी रखेगा.
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ट्रंप लगातार ब्राजील जैसे देशों के साथ व्यापारिक हितों को साध रहे हैं, वहीं ईरान और क्यूबा जैसे देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा को तरजीह दे रहे हैं.
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