समंदर में खुलेआम ईरानी तेल ढो रहे थे 8 जहाज, US ने 'टोल वसूली' सिस्टम को किया बैन

अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार से जुड़े जहाजों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ये कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब अमेरिका और ईरान युद्धविराम को लेकर शुरुआती समझौते पर पहुंच गए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा कि प्रतिबंधित संस्थाएं ईरानी सेना के तेल बिक्री नेटवर्क से जुड़ी हैं.

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अमेरिका ने ईरान के टोल वसूली सिस्टम पर कड़ी चोट की है (Photo: AFP) अमेरिका ने ईरान के टोल वसूली सिस्टम पर कड़ी चोट की है (Photo: AFP)

आजतक इंटरनेशनल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:19 PM IST

अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि उसने ईरान के तेल कारोबार पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान युद्धविराम को आगे बढ़ाने और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए जहाजों की आवाजाही पर लगी पाबंदियां हटाने को लेकर एक शुरुआती समझौते पर पहुंचे हैं.

अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा कि उसने ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में शामिल आठ जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है. इनमें मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला ऑयल टैंकर ‘फ्लोरा’, कोमोरोस के झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘हौनकायो’ और पनामा के झंडे वाला टैंकर ‘इल गैप’ शामिल हैं.

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अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बयान में कहा, 'हम ईरानी सरकार को अपनी सेना और उसकी क्षमताओं को फिर से मजबूत करने के लिए तेल से कमाई बढ़ाने की इजाजत नहीं देंगे.'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक युद्धविराम समझौते को मंजूरी नहीं दी है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे जिसके बाद युद्ध शुरू हो गया था.

इस संघर्ष की वजह से वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल मची हुई है, क्योंकि ईरान और ओमान के बीच स्थित अहम होर्मुज स्ट्रेट बंद हो गया था. होर्मुज स्ट्रेट के जरिए सामान्य तौर पर दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस की आपूर्ति होती है.

ईरानी तेल से जुड़ी 15 संस्थाओं पर बैन

अमेरिका ने ईरानी तेल की खरीद-बिक्री से जुड़ी 15 से अधिक संस्थाओं पर भी प्रतिबंध लगाए हैं. इनमें हांगकांग की ‘वर्थ सीन एनर्जी लिमिटेड’, दुबई की ‘सिम्फनी शिपिंग एंड मैरीटाइम मैनेजमेंट इंक’ और हांगकांग की ‘मेहदियेव ट्रेडिंग कंपनी’ शामिल हैं.

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ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा कि प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं में से कुछ ईरानी सेना के तेल बिक्री नेटवर्क का इस्तेमाल कर ईरान के बाहर से तेल उत्पाद हासिल करती हैं.

विभाग के मुताबिक, ‘वर्थ सीन’ ईरान की नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी के लिए रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद करती है. यह काम वो ‘सेपेहर एनर्जी जहां’ की ओर से करती है. यह ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ की तेल बेचने वाली ब्रांच है और जिस पर अमेरिका पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है.

जहाजों पर टोल लगाने वाली ईरानी एजेंसी भी हुई बैन

इससे पहले बुधवार को अमेरिका ने ईरान की उस नई एजेंसी को निशाना बनाया जो होर्मुज स्ट्रेट  में जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.

ये प्रतिबंध बुधवार देर रात उस समय घोषित किए गए, जब अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर हमला किया. इससे पहले अमेरिका ने ईरानी अटैक ड्रोन को मार गिराया था. द एसोसिएटेड प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी है.

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा, 'वैश्विक समुद्री व्यापार को बंधक बनाने की ईरानी सेना की हालिया कोशिश इस बात का सबूत है कि हमारे इकोनॉमिक फ्यूरी ऑपरेशन ने ईरानी शासन को पैसों के लिए बेताब कर दिया है.'

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नए प्रतिबंध ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ और उस एजेंसी के साथ काम करने वाले सभी व्यक्तियों या संस्थाओं को निशाना बनाते हैं. इस एजेंसी की घोषणा इसी महीने की गई थी. यह संस्था स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से सुरक्षित रास्ता देने के बजाय टोल वसूलती है जो प्रति जहाज 20 लाख डॉलर तक हो सकता है.

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपनी टोल वसूली एजेंसी का बचाव करते हुए कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही केवल उसी कॉरिडोर से संभव है, जिसे उसने तय किया है. गार्ड्स ने चेतावनी दी कि तय रास्ते से हटने वाले जहाजों को हमलों और अन्य खतरों का सामना करना पड़ सकता है.

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