श्रीलंका में सियासी संकट जारी, सांसदों ने सदन में पुलिस पर फेंका मिर्च पाउडर

श्रीलंकाई संसद में शुक्रवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला. राजपक्षे के कुछ वफादारों को विरोधियों और पुलिस पर मिर्चपाउडर फेंकते देखा गया. करीब 45 मिनट तक गतिरोध बरकरार रहने के बाद अध्यक्ष ने पुलिस को संसद के अंदर बुला लिया. इस बीच सांसद अरूंदिका फर्नांडो ने अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए और बाकी सांसदों ने उन्हें घेर लिया.

Advertisement
श्रीलंकाई संसद (फोटो- रॉयटर्स) श्रीलंकाई संसद (फोटो- रॉयटर्स)

राम कृष्ण

  • कोलंबो,
  • 16 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

श्रीलंका में राजनीतिक संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को श्रीलंकाई संसद में लगातार दूसरे दिन भी हंगामेदार स्थिति देखने को मिली. वहां विरोधी सांसदों ने एक-दूसरे पर मिर्ची पाउडर और फर्नीचर फेंके, जिसके बाद अध्यक्ष कारू जयसूर्या ने सदन के अंदर पुलिस बुला ली और सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी.

यह हंगामा अध्यक्ष द्वारा महिंदा राजपक्षे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बाद कोई प्रधानमंत्री या सरकार नहीं होने की घोषणा के एक दिन बाद हुआ. शुक्रवार की कार्यवाही विश्वास मत की प्रक्रिया को दोहराने के लिए थी, जिसे बृहस्पतिवार को बाधित कर दिया गया था.

Advertisement

समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक राजपक्षे को प्रधानमंत्री बनाने वाले हटाए गए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के गठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत में सदन में शक्ति परीक्षण पर सहमत हो गए थे.

अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को राजपक्षे का समर्थन कर रहे सांसद संदन के अंदर अध्यक्ष के आसन पर बैठ गए, जिसके चलते कार्यवाही में देर हुई. उन्होंने जयसूर्या के खिलाफ नारेबाजी भी की.

हंगामे के बीच अध्यक्ष ने सदन में बुलाई पुलिस

कोलंबो गजट की खबर के मुताबिक राजपक्षे के कुछ वफादारों को विरोधियों और पुलिस पर मिर्ची पाउडर फेंकते भी देखा गया.

शुक्रवार को करीब 45 मिनट तक गतिरोध बरकरार रहने के बाद अध्यक्ष ने पुलिस को संसद के अंदर बुला लिया. इस बीच सांसद अरूंदिका फर्नांडो ने अध्यक्ष की कुर्सी पर  बैठ गए और बाकी सांसदों ने उन्हें घेर लिया.

Advertisement

धक्का-मुक्की में एक वरिष्ठ नेता घायल

एक वरिष्ठ राजनेता जैमिनी जयविक्रमा परेरा इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में घायल हो गए. हंगामा कर रहे युनाइटेड पीपुल्स फ्रीडम अलायंस (यूपीएफए) सदस्यों ने विक्रमसिंघे की युनाइटेड नेशनल पार्टी (यूएनपी) के दो सांसदों की गिरफ्तारी की मांग की.

'संसद में चाकू लेकर पहुंचे सांसद'

उनका यह भी आरोप था कि गुरुवार को हुए बवाल के दौरान सांसद पलिथा थेवाराप्पेरूमा और रंजन रामनायके चाकू लेकर आए थे. गुरुवार को सदन में हुए हंगामे के दौरान यूपीएफए सांसद दिलम अमुनुगमा घायल हो गए थे.

शुक्रवार को पुलिस ने जयसूर्या को किसी तरह हंगामा कर रहे सांसदों से बचाव किया. ने ध्वनिमत के आधार पर कहा कि राजपक्षे के खिलाफ प्रस्ताव नाकाम रहा, क्योंकि हंगामे की वजह से भौतिक रूप से मत विभाजन नहीं हो सका था.

सांसदों ने पुलिस पर फेंकी किताबें

हंगामा कर रहे सांसदों ने पुलिस पर किताबें फेंकी. इसके बाद जयसूर्या ने सदन की कार्यवाही को 19 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी और पुलिस की घेराबंदी में वहां से निकल गए.

राष्ट्रपति सिरिसेना ने ट्वीट कर सांसद से की अपील

राष्ट्रपति सिरिसेना ने कहा कि वह किसी भी परिस्थिति में सदन का सत्रावसान नहीं करेंगे. राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘मैं सभी सांसदों से अनुरोध करता हूं कि वे लोकतांत्रिक संसदीय परंपराओं के सिद्धांतों को हर समय बरकरार रखें. मैं किसी भी परिस्थिति में संसद का सत्रावसान नहीं करूंगा.’

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »