Russian-Ukraine War: 'पुतिन में गुस्सा और निराशा, यूक्रेन युद्ध अब होगा खतरनाक', CIA अधिकारी का दावा

Russian-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन पर दो दिन में जीत हासिल करना चाहते थे, लेकिन ये जंग दो हफ्ते से भी ज्यादा लंबी खींच गई है. इस पर अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर का कहना है कि अब पुतिन यूक्रेन पर हमले और तेज कर सकते हैं.

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जंग लंबी खींचने से निराश हैं पुतिन. (फाइल फोटो-AP/PTI) जंग लंबी खींचने से निराश हैं पुतिन. (फाइल फोटो-AP/PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 2:09 PM IST
  • 24 फरवरी से जारी है रूस-यूक्रेन में जंग
  • अमेरिका को अंदेशा, तेज होंगे रूसी हमले

Russian-Ukraine War: रूस और यूक्रेन में जंग अब और भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है. इस बात का अंदेशा अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों ने जताया है. अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर दो दिन में कब्जा करने का प्लान बनाया था. पुतिन ने सारी ताकत भी आजमा ली है, लेकिन जंग दो हफ्ते से भी ज्यादा लंबी खींच गई है. ऐसे में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अब ये जंग और भी ज्यादा खतरनाक मोड़ पर आ सकती है. 

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अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर विलियम बर्न्स का मानना है कि यूक्रेन को तोड़ने के लिए पुतिन इस जंग को और तेज कर सकते हैं. उनका कहना है कि रूस के पास बड़ी सेना है और वो कई हफ्तों तक यूक्रेन पर बम बरसा सकती है. उनका मानना है कि अपनी सेना की नाकामी से पुतिन में गुस्सा और निराशा है, लिहाजा वो यूक्रेन में और भी ज्यादा हिंसा और तबाही मचाने की तैयारी कर रहे हैं.

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गुस्से में और निराश हैं पुतिनः बर्न्स

विलियम बर्न्स रूस में अमेरिका के राजदूत रहे हैं और कई बार पुतिन से मुलाकात भी कर चुके हैं. उनसे जब पुतिन की मानसिक स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पुतिन निराश और गुस्से में हैं. उनका कहना है कि ये गुस्सा और निराशा और भी बढ़ सकती है और वो आम नागरिकों की मौत की परवाह किए बगैर यूक्रेनी सेना को कुचलने की कोशिशें तेज कर सकते हैं.

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बर्न्स का कहना है कि अभी इस जंग के खत्म होने का कोई सीधा-सीधा रास्ता नहीं दिख रहा है. उन्होंने कहा कि ये एकदम अकल्पनीय है कि यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अचानक रूस पर क्रीमिया पर कब्जे को मान्यता दे देंगे या फिर पूर्वी यूक्रेन के दो हिस्सों (डोनेत्स्क और लुहांस्क) की स्वतंत्रता को मान लेंगे. 

उनका कहना है कि अगर रूस कीव पर कब्जा कर भी लेता है और जेलेंस्की को हटा भी देता है तो भी पुतिन को 4 करोड़ नागरिकों के विद्रोह का सामना करना होगा. उन्होंने कहा कि पुतिन के पास यूक्रेनियों के विद्रोह को शांत करने का कोई स्थायी राजनीतिक समाधान भी नहीं है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर एव्रिल हेन्स का कहना है कि पुतिन इसे युद्ध के तौर पर देख रहे हैं, जिसमें वो अपनी हार का जोखिम नहीं उठा सकते. 

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पुतिन की 4 गलतियां....

रूस के एक इंडिपेंडेंट पॉलिटिकल एनालिस्ट किरिल रोगोव ने अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा कि रूस ये जंग 'हार' गया है और ये सबसे बड़ी 'विफलता' है. उन्होंने इस पोस्ट में पुतिन की 4 गलियों का भी जिक्र किया है. 

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गोरोव ने पुतिन की 4 गलतियां बताते हुए लिखा कि उन्हें लगा कि पश्चिमी देश इसका विरोध नहीं करेंगे, उन्होंने लगा कि रूस की अर्थव्यवस्था सुरक्षित और आत्मनिर्भर है. उन्हें लगा कि रूस की सेना सक्षम है. इन सबके अलावा उनकी सबसे बड़ी गलती ये थी कि उन्होंने यूक्रेन को एक नाकाम देश समझा. एक फैसला लेने के लिए ये चार गलतियां काफी हैं.

रूस की मौत की ओर ले जाएगा....

इस युद्ध को लेकर रूस में भी पुतिन का विरोध शुरू हो गया है. हालांकि, इसके बावजूद वहां की मीडिया अमेरिका समेत पश्चिमी देशों की ओर से रूस के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को दिखा रही है. रूस के सरकारी टीवी चैनल रशिया 1 के होस्ट व्लादिमीर सोलोवियोव ने पिछले हफ्ते एक रेडियो शो में कहा था कि रूस इस युद्ध को हारने का जोखिम नहीं उठा सकता, नहीं तो ये रूस की मौत की ओर ले जाएगा.

 

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