'रूस से दोस्ती पड़ सकती है भारी', अमेरिकी सांसद ने भारत को क्यों दी चेतावनी

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत एशिया में अपनी सीमाओं पर संभावित हमले के खिलाफ बचाव के लिए रूस को एक भरोसेमंद दोस्त के रूप में देखेगा. इसकी वजह यही है कि अब रूस के रिश्ते चीन से लगातार घनिष्ठ हो रहे हैं.

Advertisement
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से मॉस्को और चीन की दोस्ती लगातार मजबूत होती जा रही है. ऐसे में भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना (Ro Khanna) ने भारत को आगाह किया है कि अब वह रूस को एक 'भरोसेमंद दोस्त' के तौर पर नहीं देखे.

सिलिकॉन वैली से सांसद रो खन्ना ने यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस से चीन की करीबियां बढ़ने का हवाला देते हुए कहा कि अब रूस को भारत का भरोसेमंद दोस्त नहीं समझा जा सकता.

Advertisement

कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया एंड इंडियन-अमेरिकन्स के सह-अध्यक्ष खन्ना ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत एशिया में अपनी सीमाओं पर संभावित हमले के खिलाफ बचाव के लिए रूस को एक भरोसेमंद दोस्त के रूप में देखेगा. इसकी वजह यही है कि अब रूस के रिश्ते चीन से लगातार घनिष्ठ हो रहे हैं. भारतीय जानते हैं कि रूस की तुलना में अमेरिका उसका अधिक भरोसेमंद दोस्त है. 

'रूस के बजाए अमेरिका से दोस्ती भारत के लिए सही'

कैलिफोर्निया की 17वीं कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य खन्ना ने कहा कि चीन के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने के लिए अमेरिका के साथ संबंधों को बढ़ाना भारत के हित में है. यह भारत की विदेश नीति के लिए बहुत जरूरी है.

उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया है कि इसका यह मतलब नहीं है कि भारत को अमेरिका के हितों के हिसाब से कदमताल करना होगा. लेकिन अमेरिका के साथ आगे बढ़ना रणनीतिक तौर पर सही होगा. 

Advertisement

उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के अमेरिकियों का लक्ष्य भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने पर होना चाहिए.

बता दें कि भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के हमले की निंदा नहीं की है. इसके साथ ही वह यूक्रेन हमले के विरोध में संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ वोटिंग से भी दूर रहा. इसके बजाये भारत ने बातचीत से रूस और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की बात कही थी. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »