पाकिस्तान में तेल संकट... PM शहबाज शरीफ ने स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों के लिए तय किए 5 नियम

मिडिल ईस्ट जंग और होर्मुज संकट से पाकिस्तान में फ्यूल संकट गहरा गया है. PM शहबाज शरीफ ने तेल बचाने के लिए स्कूलों-कॉलेजों और दफ्तरों से जुड़े कुछ बड़े फैसले लिए हैं.

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तेल बचाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने किए बड़े ऐलान (Photo: AP/Reuters) तेल बचाने के लिए पाकिस्तान सरकार ने किए बड़े ऐलान (Photo: AP/Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:44 AM IST

मिडिल ईस्ट में जारी जंग और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान पर भी साफ तौर से दिखने लगा है. तेल की कीमतें 100 डॉलर पार होते ही देश में फ्यूल संकट गहराने लगा क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की तरफ से पाबंदी लंगाए जाने के बाद पाकिस्तान को तेल की सप्लाई नहीं हो पा रही है. ऐसे में केंद्र सरकार ने कुछ बड़े निर्देश दिए हैं और जमीन पर सख्ती लागू करने के लिए कहा गया है.

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मौजूदा हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्कूल-कॉलेज और सरकारी दफ्तरों के लिए सख्त निर्देशों का ऐलान किया है. 

नए नियमों का मकसद पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना और ऊर्जा संकट से निपटना है.

स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों के लिए बड़े ऐलान...

  1. पाकिस्तान में स्कूल दो हफ्ते के लिए बंद रहेंगे.
  2. हायर एजुकेशन (कॉलेज-यूनिवर्सिटी) की क्लासेज ऑनलाइन कर दी जाएंगी.
  3. सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे.
  4. सरकारी विभागों के 50% कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे.
  5. अगले दो महीनों तक सरकारी विभागों को मिलने वाले फ्यूल में 50% कटौती की जाएगी.

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तेल बचाने के लिए उठाए गए बड़े कदम

सरकार के नए नियमों के तहत पाकिस्तान में स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे. इसके अलावा हायर एजुकेशन से जुड़ी क्लासेज को ऑनलाइन मोड में चलाने का फैसला लिया गया है, जिससे छात्रों और स्टाफ की आवाजाही कम हो और फ्यूल की बचत की जा सके. इसके साथ ही, इफ्तार पार्टियों पर भी रोक लगाई गई है.

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सरकार ने यह भी तय किया है कि बैंकों को छोड़कर बाकी सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे. इसके साथ ही, सरकारी विभागों में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि इससे ट्रांसपोर्ट में लगने वाले फ्यूल की खपत कम होगी.

इसके अलावा, अगले दो महीनों तक सरकारी विभागों को मिलने वाले फ्यूल में 50 फीसदी कटौती करने का भी फैसला किया गया है. सरकार के मुताबिक, यह कदम तब तक लागू रहेगा, जब तक इंटरनेशनल मार्केट में हालात सामान्य नहीं हो जाते.

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क्यों बढ़ा पाकिस्तान में तेल संकट?

पाकिस्तान में फ्यूल संकट की बड़ी वजह होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ता तनाव है. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष की वजह से इस अहम समुद्री रास्ते से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है. पाकिस्तान को भी अपनी बड़ी तेल सप्लाई इसी रास्ते से मिलती है, इसलिए संकट का असर सीधे देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है.

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पेट्रोल-डीजल प्राइस में भारी बढ़ोतरी

क्रूड ऑयल संकट के बीच पाकिस्तान सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी करनी पड़ी है. सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है, जो देश के इतिहास में सबसे बड़ी बढ़ोतरी बताई जा रही है.

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सिर्फ पेट्रोल ही नहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत में भी करीब 20 फीसदी का इजाफा हुआ है. डीजल की कीमत 280.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 335.86 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है.

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