कंगाल पाकिस्तान ने नहीं लौटाए विंग कमांडर अभिनंदन के पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट

जब अटारी-वाघा बॉर्डर से विंग कमांडर अभिनंदन भारत में दाखिल हुए, तो खाली हाथ और सिविल ड्रेस में थे. उनके हाथ में न कोई बैग था और न ही कोई अन्य सामान. पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन के पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट को वापस नहीं किया है. उसने सिर्फ अभिनंदन की घड़ी, मोजे और चश्मे ही लौटाया है.

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अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत में दाखिल होते अभिनंदन (Courtesy- PTI) अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत में दाखिल होते अभिनंदन (Courtesy- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

आतंकियों का सुरक्षित अड्डा बना पाकिस्तान भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की रिहाई करके शांति नोबेल पुरस्कार की मांग कर रहा है. हालांकि वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. कंगाली से जूझ रहे पाकिस्तान ने दबाव के बाद भारतीय वायुसेना के पायलट अभिनंदन को रिहा जरूर कर दिया, लेकिन उसने उनके पूरे सामान वापस नहीं किए. पाकिस्तान ने विंग कमांडर अभिनंदन की घड़ी, मोजे और चश्मे तो लौटा दिया, लेकिन उनकी पिस्टल, मैप और सर्वाइवल किट को वापस नहीं किया.

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शुक्रवार को जब अटारी-वाघा बॉर्डर से विंग कमांडर अभिनंदन भारत में दाखिल हुए, तो खाली हाथ और सिविल ड्रेस में थे. उनके हाथ में न कोई बैग था और न ही कोई अन्य सामान. अभिनंदन जब पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में उतरे, तो स्थानीय लोगों ने उनका पीछा किया था. इस दौरान अभिनंदन ने अपनी पिस्टल से हवाई फायरिंग की थी. उनके पास पिस्टल थी और वो वायुसेना की यूनिफॉर्म में थे. इसके अलावा उनके पास अहम दस्तावेज भी थे, लेकिन उन्होंने दुश्मन के इलाके में पहुंचने पर उन्हें नष्ट कर दिया.

हैंड ओवर सर्टिफिकेट के मुताबिक पाकिस्तान द्वारा विंग कमांडर अभिनंदन के घड़ी, मोजे और चश्मे को ही वापस किया गया है. इसमें यह भी कहा गया कि शुक्रवार को भारतीय पायलट अभिनंदन को पाकिस्तानी रेंजर्स के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट शहजाद फैजल ने बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडेंट संजय कुमार को सौंपा.

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आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इस हमले की जिम्मेदारी खूंखार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है. पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट में एयर स्ट्राइक की और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को तबाह कर दिया.

जब भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमान बालाकोट में बम बरसा रहे थे, तब पाकिस्तान बेखबर था. हालांकि जब भारतीय वायुसेना का मिशन पूरा हो गया, तब जाकर पाकिस्तान को इसकी जानकारी हुई. इसके बाद पाकिस्तान बौखला गया. फिर उसने भारतीय क्षेत्र में हवाई हमले किए. इस पर भारतीय वायुसेना ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया.

इस हवाई भिड़ंत में भारतीय वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान भी गिर गया और इसको उड़ा रहे विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में पहुंच गए. उनको पाकिस्तानी सेना ने बंधक बना लिया. इसके बाद पाकिस्तान ने अभिनंदन को लेकर सौदेबाजी का प्लान बनाया, लेकिन भारत राजी नहीं हुआ. आखिरकार दबाव में आकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अभिनंदन को रिहा करने का ऐलान करना पड़ा.

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इस दौरान अभिनंदन को पाकिस्तान में रोकने की पूरी कोशिश हुई. इसको लेकर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में याचिका तक दायर की गई. हालांकि पाकिस्तान की एक नहीं चली और शुक्रवार रात करीब नौ बजकर 20 मिनट पर जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते अपने वतन वापस लौट आए.

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