कश्मीरियों पर क्या बोल गए PAK रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ? बिलावल ने ही लताड़ा

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने PoK को लेकर कहा था कि ये लोग 'कश्मीरी' नहीं हो सकते हैं. इस पर पाकिस्तान की संसद में हंगामा मच गया है. पीपीपी ने कहा है कि एक सीनियर मंत्री को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए. ख्वाजा आसिफ का ये बयान पीओके में चल रहे प्रदर्शनों पर आया है.

Advertisement
बिलावल भुट्टो ने ख्वाजा आसिफ का इस्तीफा मांगा है. (Photo: X/@BBhuttoZardari) बिलावल भुट्टो ने ख्वाजा आसिफ का इस्तीफा मांगा है. (Photo: X/@BBhuttoZardari)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:29 PM IST

पाकिस्तान के बयान बहादुर रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ न सिर्फ भारत को लेकर अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं, वे कश्मीर और कश्मीरियों को लेकर भी अनाप-शनाप बोलते रहते हैं. इस बार पाक अधिकृत कश्मीरियों पर बयानबाजी के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी को फटकार लगाई है. इसके अलावा मौलाना फजलूर रहमान ने भी पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को धैर्य सीखने की सलाह दी है. 

Advertisement

एक टीवी इंटरव्यू में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रावलकोट क्षेत्र को लेकर विवादास्पद बयान दिया था. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनों से प्रभावित रावलकोट 'कश्मीरी नहीं हैं' और वहां के लोगों को वे कश्मीरी नहीं मानते. उन्होंने यह भी इशारा किया कि रावलाकोट और मीरपुर के लोग पोटोहारी भाषा बोलते हैं, इसलिए उन्हें  “असली कश्मीरी” नहीं माना जा सकता. 

बाद में ख्वाजा आसिफ को अपने बयान पर सफाई देनी पड़ गई. 

ख्वाजा आसिफ ने यह बयान पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे प्रदर्शनों के मद्देनजर दिया है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में Joint Awami Action Committee (JAAC) के नेतृत्व में बड़े प्रदर्शन चल रहे हैं. इसका मुख्य कारण महंगाई, बिजली की बढ़ती कीमतें, नेताओं की मनमानी है. इन प्रदर्शनों में हिंसा हुई, कई मौतें हुईं. PoK के लोग आर्थिक तंगी, राजनीतिक अधिकार और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. 

Advertisement

ख्वाजा आसिफ के बयान पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. 

पाकिस्तान की संसद में PPP के रजा परवेज अशरफ ने कहा कि इतने वरिष्ठ मंत्री द्वारा ऐसा 'जनरल स्टेटमेंट' कभी नहीं दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस बयान से कई लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं. अशरफ ने ख्वाजा आसिफ की ओर से रावलकोट के लोगों से माफी भी मांगी और जोर दिया कि कश्मीर में आग पर पानी डालने की जरूरत है, न कि नई आग लगाने की. 

इस मुद्दे पर बिलावल भुट्टो का हमला काफी तीखा रहा. बिलावल ने संसद में सवाल किया, "एक रक्षा मंत्री द्वारा रावलकोट के कश्मीरियों को कश्मीरी न मानने वाले बयान को कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है? वह अभी तक माफी तक नहीं मांगे और कैबिनेट में बने हुए हैं?” 

बिलावल ने कहा कि यह बयान पहले से जल रही आग पर और तेल छिड़कने जैसा है. 

पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली में बोलते हुए JUI-F के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने धैर्य और सहनशीलता बरतने की अपील की. 

उन्होंने कहा, "जब सरकार की प्रतिक्रिया भावुक हो जाती है, तो यह सरकार के ओहदे के अनुरूप नहीं होती."

नेशनल असेंबली में यह मामला तब उठा जब रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ की PoK के निवासियों के बारे में कथित तौर पर की गई टिप्पणियों के लिए आलोचना हुई, इस पर PPP और JUI-F दोनों ने आपत्ति जताई. 

Advertisement

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »