ओसामा बिन लादेन ने 21 साल पहले लिखा था अमेरिका को ये खत, जानें- इजरायल-हमास जंग के बीच क्यों हो रहा वायरल

ओसामा ने पत्र में कहा था कि फ़िलिस्तीन दशकों से कब्जे में है और आपके किसी भी राष्ट्रपति ने 11 सितंबर के बाद तक इसके बारे में बात नहीं की. ओसामा ने 'अमेरिकी लोगों को लिखे अपने पत्र' में कहा था कि 'फिलिस्तीन को बंदी नहीं बनाया जाएगा क्योंकि हम उसकी बेड़ियों को तोड़ने की कोशिश करेंगे.

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ओसामा बिन लादेन ने 21 साल पहले अमेरिका को खत लिखा था, जो अब वायरल हो रहा है (फाइल फोटो) ओसामा बिन लादेन ने 21 साल पहले अमेरिका को खत लिखा था, जो अब वायरल हो रहा है (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 6:31 PM IST

इज़राइल-हमास जंग के बीच दुनिया के सबसे कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का एक पत्र तेजी से वायरल हो रहा है. 21 साल पहले लिखा गया ये लेटर टिक-टॉक यूजर्स शेयर कर रहे हैं. अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का पत्र 2001 के हमलों के बाद लिखा गया था, जो अमेरिकी धरती पर सबसे भयानक आतंकवादी हमला था. यह 9/11 के भयावह हमलों को सही ठहराने के लिए लिखा गया था. इस लेटर में उसने जिक्र किया था कि 'हमारे फिलिस्तीन पर कब्जे में दमनकारी इजरायलियों को समर्थन'. दरअसल, इस जंग में भी अमेरिका ने इजरायल का खुलकर समर्थन किया है. अब लोग इस लेटर में उल्लेखित इसी बात को वर्तमान परिदृश्य से जोड़कर देख रहे हैं. हैरानी की बात ये है कि लोग ओसामा से आज भी सहमत हैं.

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फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश का दर्जा देने के मामले में ओसामा ने पत्र में कहा था कि फ़िलिस्तीन दशकों से कब्जे में है और आपके किसी भी राष्ट्रपति ने 11 सितंबर के बाद तक इसके बारे में बात नहीं की. ओसामा ने 'अमेरिकी लोगों को लिखे अपने पत्र' में कहा था कि 'फिलिस्तीन को बंदी नहीं बनाया जाएगा क्योंकि हम उसकी बेड़ियों को तोड़ने की कोशिश करेंगे. साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 'ईसाइयों के खून से अपने अहंकार की कीमत चुकाएगा'. बता दें कि मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक इमारत पर रात के समय एक कार्रवाई में अमेरिकी सेना की सील टीम ने ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था. 

द गार्जियन अखबार ने वेबसाइट से हटाया लेटर

द गार्जियन अखबार की वेबसाइट पर 2002 से ओसामा बिन लादेन का पत्र था, लेकिन इसका वीडियो वायरल होने के बाद उसने इसे हटा लिया गया है. कहा जा रहा है कि द गार्जियन द्वारा अपनी वेबसाइट से पत्र हटाने से ओसामा के पत्र और वीडियो में लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है. द गार्जियन ने कहा कि इस पेज पर पहले एक दस्तावेज़ प्रदर्शित किया गया था, जिसमें ओसामा बिन लादेन का 'अमेरिकी लोगों को पत्र' ट्रांसलेट था, जैसा कि 24 नवंबर 2002 को ऑब्जर्वर में रिपोर्ट किया गया था. द गार्जियन ने कहा कि ये डॉक्यूमेंट उसी दिन उनकी वेबसाइट पर पब्लिश हुआ था. लेकिन इसे 15 नवंबर 2023 को हटा दिया गया था. हालांकि इसे हटाने का कोई कारण नहीं बताया गया. हालांकि गार्जियन ने अपनी बेवसाइट से ये पत्र वीडियो वायरल होने के ठीक बाद उठाया है.

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वेबसाइट से लेटर हटने के बाद क्या बोले लोग?

अमेरिकी पत्रकार याशर अली ने X पर लिखा कि द गार्जियन के पास 'लेटर टू अमेरिका' की एक कॉपी पोस्ट की गई थी, लेकिन एक बार जब ये टिकटॉक पर वायरल हो गई, तो गार्जियन ने इसे हटा दिया. लोग टिक-टॉक पर कह रहे हैं कि मीडिया को नियंत्रित करने वाली शक्तियां सच्चाई को चुप कराने की कोशिश कर रही हैं. याशर अली ने लिखा कि ये वीडियो केवल टिकटॉक तक ही सीमित नहीं हैं. अब इन्हें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया गया है.

लेटर को तेजी से वायरल किया जा रहा

द रोलिंग स्टोन्स वेबसाइट के अनुसार टिकटॉक यूजर्स लिनेट एडकिंस ने पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि मुझे हर किसी से चाहिए कि वे अभी जो कर रहे हैं, उसे रोकें और पढ़ें. यह 2 पेज हैं. उन्होंने कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि मैं इस समय अस्तित्वगत संकट से गुजर रहा हूं और बहुत से लोग हैं. लेटर वायरल होने के बाद कई टिकटॉकर्स ने इसे आंखें खोल देने वाल और दिमाग हिला देने वाला कहा है. साथ ही अपने फॉलोअर्स से कहा है कि इस लेटर को वह भी पढ़ें. एक टिकटॉकर ने कहा कि मुझे यह भी नहीं पता था कि यह पत्र सच है या झूठ. लेकिन इसे हर किसी को इसे पढ़ना चाहिए. इससे मेरा मोहभंग हो गया है. मैं थोड़ा भ्रमित महसूस कर रहा हूं, जैसे मैंने किसी अन्य टाइमलाइन में प्रवेश कर लिया है.

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अमेरिका का विरोध कर रहे लोग

एक यूजर्स ने कहा कि मैं इस देश (अमेरिका) को कभी भी एक समान नहीं देखूंगा. अगर आपने इसे पढ़ा है, तो मुझे बताएं कि क्या आप अस्तित्व संबंधी संकट से गुजर रहे हैं. क्योंकि पिछले 20 मिनटों में जिस पूरे जीवन पर मैंने विश्वास किया और जीया, उस पर मेरा पूरा दृष्टिकोण बदल गया है. एक अन्य यूजर ने कहा कि यह सचमुच सबसे बुरी चीज़ है, जो मैंने कुछ समय में पढ़ी है. हालांकि मैं यह नहीं कह सकता कि मैं आश्चर्यचकित हूं. क्योंकि मैं स्तब्ध हूं.
 

फिलिस्तीन के 11 हजार से ज्यादा लोगों की मौत


उधर, गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इजरायल ने हमास को खत्म करने की कसम खाई है और उसके जवाबी हमलों में फिलिस्तीन के 11,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. लगातार हो रही बमबारी ने उत्तरी गाजा को मलबे में तब्दील कर दिया है और इजराइल रक्षा बलों ने अब गाजा में अल शिफा अस्पताल को घेर लिया है. इजरायल के अनुसार हमास अपने मुख्य कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर के रूप में अल शिफ़ा के नीचे सुरंगों का उपयोग करता है. गाजा पर बमबारी और बच्चों समेत हजारों लोगों की मौत के बाद गाजा में युद्धविराम की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. ऐसे में ओसामा बिन लादेन का पत्र वीडियो के रूप में सामने आया है.

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एक महीने से ज्यादा समय से जारी है इजरायल-हमास जंग

7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर अटैक किया था, इस हमले में 1,400 इजरायली नागरिकों की हत्या हो गई थी, जबकि 200 से अधिक लोगों को बंधक बनाकर हमास के लड़ाके गाजा ले गए. इसके बाद इजरायल-हमास जंग लड़ रहे हैं.

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