'मिस्टर सिंह, सड़क से हटो...', अमेरिकी सरकार के विज्ञापन में 'नफरत'?

अमेरिका के होमलैंड डिपार्टमेंट की ओर से जारी इस पोस्ट पर भारतीयों ने आपत्ति जताई है. ‘Mr Singh’ वाले इस पोस्ट पर हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने कहा कि सिंह सरनेम वाले लोग हिंदू भी हैं, सिख भी हैं और अमेरिकी नागरिक भी हैं. संगठन ने DHS पर “नस्लीय और भारत विरोधी प्रोफाइलिंग” का आरोप लगाया.

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होमलैंड डिपार्टमेंट द्वारा जारी की गई विवादास्पद तस्वीर (Photo: Social media) होमलैंड डिपार्टमेंट द्वारा जारी की गई विवादास्पद तस्वीर (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:16 PM IST

अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) के एक सोशल मीडिया विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. विज्ञापन में एक दाढ़ी वाले भारतीय वेश भूषा के व्यक्ति की AI से बनाई गई तस्वीर के साथ लिखा गया- “Get off our roads, you don't know how to drive Mr Singh” यानी “हमारी सड़कों से हट जाओ, तुम्हें गाड़ी चलानी नहीं आती, मिस्टर सिंह.”

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DHS का यह पोस्ट अमेरिका में बिना लाइसेंस कमर्शियल ड्राइविंग करने वाले लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा था. लेकिन विज्ञापन में खास तौर पर ‘Singh’ सरनेम का इस्तेमाल किए जाने पर भारतीय-अमेरिकी और सिख संगठनों ने इसे नस्लीय और भेदभावपूर्ण बताया है.

अमेरिकी सरकार के इस विवादित पोस्ट में ‘Mr Singh’ के अलावा ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह, राजिंदर कुमार, बेकझान बेइशेकीव, अखरोर बोजोरोव और जसवीर सिंह का भी जिक्र किया गया. DHS ने इन लोगों को सड़क हादसों और दूसरे अपराधों से जोड़ते हुए अपने अभियान का हिस्सा बनाया. 

DHS ने अपने पोस्ट में कहा कि अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में दुश्मनी की नीयत से आता है तो अमेरिका अपनी रक्षा करेगा और “Americanism” यानी अमेरिकी मूल्यों और पहचान की रक्षा करेगा.

एक अन्य पोस्ट में हॉलीवुड फिल्म Transformers के किरदार मेगाट्रॉन को दिखाया गया है. वहीं एक दूसरे AI वीडियो में फिल्म के मुख्य किरदार ऑप्टिमस प्राइम को DHS के साथ दिखाया गया और उसके साथ संदेश था- “Self-deport or find out”, यानी “खुद देश छोड़ो, वरना अंजाम भुगतो.”

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‘Mr Singh’ वाले पोस्ट पर भारतीय और सिख संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई. हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने कहा कि सिंह सरनेम वाले लोग हिंदू भी हैं, सिख भी हैं और अमेरिकी नागरिक भी हैं. संगठन ने DHS पर “नस्लीय और भारत विरोधी प्रोफाइलिंग” का आरोप लगाया. 

हिन्दू अमेरिकन फाउंडेशन ने लिखा,"यह एक फ़ेडरल एजेंसी का भेदभाव वाला पोस्ट है जो पॉलिटिकल मैसेजिंग से कहीं ज़्यादा है, और हम जांच का स्वागत करते हैं." हिन्दू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस पोस्ट को एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल और सहायक अटॉर्नी जनरल हरमीत के ढिल्लन को टैग किया है. 

"कानून लागू करें. किसी समुदाय का मज़ाक न उड़ाएं. खतरनाक ड्राइवर किसी भी बैकग्राउंड, नस्ल, धर्म या सरनेम वाले हो सकते हैं." होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट को  टैग करते हुए कोएलिशन ऑफ़ हिंदूज़ ऑफ़ नॉर्थ अमेरिका ने कहा. 

ग्रुप ने कहा, "कुछ खास सरनेम को अलग करके दिखाने से सड़कों पर सुरक्षा नहीं बढ़ती, बल्कि इससे सिंह और कुमार जैसे सरनेम वाले लाखों अमेरिकियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है."

सिख कोएलिशन ने कहा कि 9/11 के 25 साल बाद भी सिखों को उनके हुलिए और पहचान के आधार पर निशाना बनाया जा रहा ह. संगठन के मुताबिक अमेरिका में लाखों सिखों का सरनेम सिंह है, जिसका अर्थ ‘शेर’ होता है.

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कांग्रेस सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने भी DHS की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी सरकार को किसी के धर्म, विरासत या पहचान को आधार बनाकर लोगों को देश के लिए खतरा नहीं बताना चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिका में 1.6 लाख से ज्यादा लोगों का सरनेम सिंह है और किसी पूरे समुदाय के नाम को निशाना बनाना नफरत और विदेशियों के प्रति डर को बढ़ावा देता है.
 

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