मॉस्को का एयर डिफेंस फेल... यूक्रेनी ड्रोनों ने मचाया कहर, दहक रही हैं इमारतें, धुएं से काला हुआ आकाश

यूक्रेन ने पूरी ताकत के साथ रूस की राजधानी मॉस्को पर हमला किया है. यूक्रेन के हमले के सामने रूस का एयर डिफेंस सिस्टम फेल नजर आ रहा है. मॉस्को की तेल रिफाइनरी दहक रही है और 4 एयरपोर्ट बंद हो चुके हैं.

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 मॉस्को पर यूक्रेन के हमले के बाद निकलता धुआं. (Photo: X/@ZelenskyyUa) मॉस्को पर यूक्रेन के हमले के बाद निकलता धुआं. (Photo: X/@ZelenskyyUa)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

रूस की राजधानी मॉस्को पर यूक्रेन ने प्रचंड हमला किया है. मॉस्को की कई इमारतों से आग और धुएं की लपटें निकल रही है. इस हमले में रूस की ऑयल रिफाइनरियां चपेट में आईं हैं. एयरपोर्ट से विमानों की फ्लाइट रोक दी गई है. रूसी अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेन ने एक हफ़्ते में दूसरी बार मॉस्को की एक ऑयल रिफ़ाइनरी पर हमला किया और मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर कमर्शियल फ़्लाइट्स को रोक दिया. यह हमला चार साल से ज़्यादा समय पहले रूस के हमले के बाद से यूक्रेन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक था.

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ऑयल रिफाइनरी पर हमले के बाद उसमें भयंकर विस्फोट हुआ और आग की लपटें आसमान तक देखी गईं. 

रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने रात भर में कई इलाकों में 555 यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया, जिनमें से लगभग 200 को रूसी राजधानी के पास पहुंचने पर रोका गया. लेकिन कई ड्रोन शहर को निशाना बनाने में कामयाब रहे. मॉस्को में लगा रूस का एयर डिफेंस सिस्टम सभी ड्रोन्स को फेल नहीं कर सका. ड्रोन हमले से जिनसे टेरीटरी ऑफ सैडोवोड, बेलाया दाचा जैसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कुछ आवासीय इमारतों को क्षति पहुंची है. कई जगहों से आग की भारी लपटें निकल रही हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले से जुड़े वीडियो को एक्स पर पोस्ट किया है.

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने कहा कि कई ड्रोन शहर के दक्षिण-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित मॉस्को ऑयल रिफ़ाइनरी से टकराए. रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को के चार एयरपोर्ट्स से फ़्लाइट्स रोक दी गईं. 

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हमले से मॉस्को की तेल रिफाइनरी गजप्रोम नेफ्त सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. यह रिफाइनरी मॉस्को क्षेत्र को ईंधन सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा प्लांट है. 16 जून को पहले हमले के बाद 18 जून को दूसरी बार हमला हुआ. इसमें स्टोरेज टैंक्स, क्रूड ऑयल प्रोसेसिंग यूनिट और डीजल हाइड्रोट्रिटिंग यूनिट को नुकसान पहुंचा है. हमले के बाद भारी आग लगी, जिससे पूरे शहर में काला धुआं फैल गया है.

मॉस्को के चारों प्रमुख एयरपोर्ट शेरेमेतयो, डोमोदेदोवो, व्नुकोवो आदि  पर उड़ानें अस्थायी रूप से रोक दी गईं. सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित हुईं है. 
धुआं और विस्फोटों की आवाज से शहर में दहशत फैली रही. राजधानी मॉस्को के कई इलाकों में दिन में अंधेरा-सा छा गया. 

जेलेंस्की के बयान बाद हुआ हमला

यह हमला यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ "एक अहम कोऑर्डिनेशन कॉल" की है, जिससे "बड़ा बदलाव" आ सकता है.

ज़ेलेंस्की ने बुधवार को कहा कि उनके देश को फ़्रांस में G7 समिट में शामिल होने वाले दुनिया के नेताओं से और मदद का अहम वादा मिला है.

जेलेंस्की ने कहा- ये सही जवाब

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने इसे रूसी हमलों का "न्यायसंगत जवाब" बताया. उन्होंने कहा कि यह मॉस्को ऑयल रिफाइनरी पर दूसरा हमला है और यूक्रेनियन लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक्स मॉस्को ओब्लास्ट तक पहुंच रहे हैं. यूक्रेन इसे सैन्य लक्ष्यों पर हमला बता रहा है.  

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रूस ने इसे "आतंकवादी हमला" करार दिया है. कोई बड़ी नागरिक हताहत की पुष्टि नहीं हुई, हालांकि कुछ जगहों पर मलबा गिरने की खबरें आईं. यह हमला यूक्रेन-रूस युद्ध में यूक्रेन की लंबी दूरी की ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन है, जो 500 किमी से ज्यादा दूर मॉस्को तक पहुंच रही है और रूस के एयर डिफेंस में सेंध लगा रही है. 

पेरिस के पास वर्साय पैलेस से निकलते समय मैक्रों ने पत्रकारों से कहा, "ये कुछ दिन यूक्रेन के लिए बहुत अहम थे क्योंकि यह यूक्रेन के लिए G7 को फिर से एकजुट करने जैसा है."

मैक्रों ने कहा, "और अब हम यूक्रेन की मदद करना जारी रखेंगे ताकि वह डटा रहे और अपनी रक्षा करने और जवाबी हमला करने की क्षमता बढ़ा सके."

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को से 700 किलोमीटर पूर्व में कज़ान में हैं और 'एसोसिएशन ऑफ़ साउथईस्ट एशियन नेशंस' (ASEAN) के नेताओं की मेज़बानी कर रहे हैं, क्योंकि रूस व्यापार और अन्य संबंधों को मज़बूत करना चाहता है. 

क्रेमलिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव के अनुसार, दो दिन की इस बैठक में ASEAN देशों के साथ रूस की "स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप" को बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। इन देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फ़िलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, पूर्वी तिमोर और वियतनाम शामिल हैं.

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