बांग्लादेश में बगावत के बाद भारत अलर्ट, बॉर्डर पर BSF ने बढ़ाई चौकसी, DG भी बंगाल पहुंचे

बांग्लादेश में हालात अब बदतर हो गए हैं. 19 पुलिसकर्मियों की मौत और हिंसा और ज्यादा खतरनाक होने के बाद सेना ने पूरे देश में अब कमान संभाल ली है. पुलिस को हटा लिया गया है. खबरें हैं कि शेख हसीना इस्तीफा दे सकती है. उन्होंने बांग्लादेश भी छोड़ दिया है. विपक्ष ने भी लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है.

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बांग्लादेश में भड़की हिंसा. बांग्लादेश में भड़की हिंसा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 3:59 PM IST

बांग्लादेश में हिंसा के बीच शेख हसीना ने पीएम पद से इस्तीफा दे दिया है. नौकरी में आरक्षण खत्म करने और प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ पार्टी के समर्थकों के बीच भड़की हिंसा में 19 पुलिसकर्मियों समेत 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. सैकड़ों लोग घायल हैं. हालात इतने खराब हैं कि पूरे देश में अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट पर बैन लगाया गया है. सेना अब पूरे देश में तैनात हो गई है.

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बांग्लादेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बीएसएफ ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई अलर्ट जारी किया है. बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, बीएसएफ डीजी भी कोलकाता पहुंच गए हैं.

रविवार को उग्र हुआ था प्रदर्शन

सरकारी नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली को खत्म करने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा छात्रों का प्रदर्शन रविवार को उग्र हो गया था. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अब उनकी एक ही मांग है पीएम शेख हसीना का इस्तीफा.बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रोथोम अलो ने बताया कि देश भर में झड़पों, गोलीबारी और जवाबी कार्रवाई में कम से कम 100 लोग मारे गए हैं. पुलिस मुख्यालय के मुताबिक देशभर में 14 पुलिसकर्मी मारे गए हैं. इनमें से 13 एक ही थाने सिराजगंज के इनायतपुर में मारे गए. करीब 300 पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं.

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जानें क्यों भड़की है हिंसा

बांग्लादेश में इस मुद्दे पर कई बार हिंसा भड़क चुकी है. दरअसल, प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 1971 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों के लिए 30 प्रतिशत सरकारी नौकरियों को आरक्षित करने वाली कोटा प्रणाली को समाप्त किया जाए. पहले जब हिंसा भड़की थी तब कोर्ट ने कोटे की सीमा को घटा दिया था. लेकिन हिंसा नहीं थमी और अब प्रदर्शनकारी शेख हसीना का इस्तीफा मांग रहे हैं. अब तक 11,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अधिकारियों ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशनों, सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यालयों और उनके नेताओं के आवासों पर हमला किया और कई वाहनों को जला दिया. सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म फेसबुक, मैसेंजर, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम को बंद करने का आदेश दिया. 

यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, अब तक 93 की मौत, MEA ने भारतीयों के लिए जारी की एडवाइजरी

पीएम ने प्रदर्शनकारियों को बताया आतंकी

इस बीच प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि विरोध के नाम पर देश भर में "तोड़फोड़" करने वाले लोग छात्र नहीं बल्कि आतंकवादी हैं और लोगों से उन्हें सख्ती से दबाने के लिए कहा. उन्होंने कहा, 'मैं देशवासियों से अपील करती हूं कि इन आतंकवादियों को सख्ती से कुचलें.' पीएम ने रक्षा अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक भी की है. वहीं, हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को तीन दिन की सामान्य छुट्टी की घोषणा की है. 

टैक्स और बिलों का भुगतान न करने की अपील 

प्रदर्शनकारियों ने टैक्स और बिल भुगतान न करने की अपील की है और साथ ही रविवार को काम पर न जाने की अपील की थी. प्रदर्शनकारियों ने रविवार को खुले कार्यालयों और प्रतिष्ठानों पर भी हमला किया, जिसमें ढाका के शाहबाग इलाके में एक अस्पताल, बंगबंधु शेख मुजीब मेडिकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि ढाका के उत्तरा इलाके में कुछ कच्चे बम विस्फोट किए गए और गोलियों की आवाज सुनी गई. 

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जुलाई में भी हुई थी हिंसा 

ढाका के मुंशीगंज जिले के एक पुलिसकर्मी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "पूरा शहर युद्ध के मैदान में बदल गया है". विरोध करने वाले नेताओं ने आंदोलनकारियों से खुद को बांस की लाठियों से लैस करने का आह्वान किया था, क्योंकि जुलाई में विरोध प्रदर्शन के पिछले दौर को पुलिस ने बड़े पैमाने पर कुचल दिया था.

भारत ने जारी की बांग्लादेश के लिए एडवाइजरी 

बांग्लादेश में हिंसा को देखते हुए, भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को पड़ोसी देश की यात्रा न करने को लेकर एडवाइजरी जारी की है. मौजूदा दौर में बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने और अपने आपातकालीन फोन नंबरों के माध्यम से ढाका में भारतीय उच्चायोग के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

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