नेपाल के बाद अब इस देश में Gen-Z का उग्र प्रदर्शन, तख्तापलट की कोशिशों के बीच राष्ट्रपति देश छोड़कर भागे!

करीब तीन हफ्ते से युवा सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इस बीच विपक्ष ने दावा किया है कि राष्ट्रपति ने देश छोड़ दिया है. राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार शाम को राष्ट्र के नाम एक संबोधन का ऐलान किया था, लेकिन सैनिकों द्वारा राज्य प्रसारक पर हमला करने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया.

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CAPSAT नामक विशेष सैन्य इकाई ने दावा किया है कि उन्होंने सभी सशस्त्र बलों पर नियंत्रण ले लिया है. (Photo: Reuters) CAPSAT नामक विशेष सैन्य इकाई ने दावा किया है कि उन्होंने सभी सशस्त्र बलों पर नियंत्रण ले लिया है. (Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 6:22 AM IST

नेपाल के बाद अब हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित द्वीपीय देश मेडागास्कर में भी Gen-Z का उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, एक विशेष सैन्य इकाई ने सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया. इस बगावत को संभावित तख्तापलट माना जा रहा है, जिसके बाद मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना देश छोड़कर भाग गए हैं. यह घटनाक्रम तीन हफ्ते तक चले युवा आंदोलन (Gen Z Madagascar) के विरोध प्रदर्शन के बाद आया है.

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मेडागास्कर की औसत उम्र 20 साल से कम है और इसकी लगभग 3 करोड़ की आबादी का तीन-चौथाई हिस्सा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करता है. विश्व बैंक के अनुसार स्वतंत्रता (1960) से 2020 तक देश की GDP प्रति व्यक्ति में 45 प्रतिशत गिरावट आई है.

राष्ट्रपति कार्यालय ने सोमवार शाम को राष्ट्र के नाम एक संबोधन का ऐलान किया था, लेकिन सैनिकों द्वारा राज्य प्रसारक पर हमला करने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया. विपक्षी नेता सिटेनी रांद्रिआनासोलोनियाको ने कहा कि जानकारी के मुताबिक राजोएलिना फ्रांसीसी सैन्य विमान के जरिए रविवार को देश से भाग गए. हालांकि राष्ट्रपति की वर्तमान स्थिति की पुष्टि उनके कार्यालय ने नहीं की है.

सेना ने नियंत्रण अपने हाथ में लिया

राजोएलिना को 2009 में सत्ता में लाने में मदद करने वाली CAPSAT नामक विशेष सैन्य इकाई ने दावा किया है कि उन्होंने सभी सशस्त्र बलों पर नियंत्रण ले लिया है. CAPSAT के कमांडर कर्नल माइकल रांद्रिआनीरिना ने कहा कि संघर्ष के दौरान एक सैनिक की मौत हुई, लेकिन उन्होंने तख्तापलट करने से इनकार किया. उन्होंने कहा, “सेना ने जनता की आवाज का जवाब दिया.”

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प्रदर्शन और युवाओं की भूमिका

प्रदर्शन 25 सितंबर से पानी और बिजली की कमी को लेकर शुरू हुए थे और इस आंदोलन को Gen Z युवाओं ने 'Gen Z Madagascar' नाम दिया. धीरे-धीरे यह आंदोलन भ्रष्टाचार और असमानता के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन में बदल गया. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार अब तक कम से कम 22 लोग मारे गए हैं, हालांकि सरकार इस आंकड़े को खारिज करती है.

मेडागास्कर के पूर्व उपनिवेशवादी देश फ्रांस ने राष्ट्रपति को निकालने की रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी नहीं की. अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को अस्थिर स्थिति के बीच घर में रहने की सलाह दी है. अफ्रीकी संघ ने सेना और नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से बचने का आह्वान किया है.

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