ईरान के बैंकिंग सेक्टर पर हुए बड़े साइबर हमले ने देश की वित्तीय सेवाओं को प्रभावित कर दिया है. साइबर अटैक के चलते तीन प्रमुख बैंकों की कार्ड आधारित सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ीं. एटीएम, POS मशीनें और मोबाइल बैंकिंग ऐप भी प्रभावित हुए हैं, जिससे ग्राहकों को ट्रांजैक्शन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इससे पहले 14 जून को भी ईरान के कई बड़े बैंक साइबर हमले की चपेट में आए थे. हमले के पीछे किसका हाथ है, इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
कंपनी के मुताबिक, Bank Melli, Bank Saderat और Bank Tejarat की कार्ड सेवाओं को निशाना बनाया गया. साइबर अटैक के कारण इन बैंकों की सभी कार्ड संबंधी सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा. कंपनी ने ईरान की सरकारी टीवी को बताया कि साइबर सुरक्षा टीमें सेवाओं को सामान्य करने में जुटी हुई हैं. कंपनी के पब्लिक रिलेशन अफसर ने कहा कि एटीएम सेवाएं, पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें और कार्ड सिस्टम से जुड़ी मोबाइल एप्लिकेशन भी इस हमले से प्रभावित हुई हैं.
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कंपनी ने कहा कि इसके चलते ग्राहकों को ट्रांजैक्शन में परेशानी का सामना करना पड़ा. ईरान की बैंकिंग कोआर्डिनेशन काउंसिल के मुताबिक, 14 जून को भी देश के कई बड़े बैंक साइबर हमले का शिकार हुए थे. उस समय कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया था. प्रभावित बैंकों में बैंक मेली, बैंक सादेरात, बैंक तेजारत और एक्सपोर्ट डेवलपमेंट बैंक ऑफ ईरान शामिल थे. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, उस साइबर हमले से सेवाओं को सामान्य होने में कई दिन लग गए थे.
अधिकारियों ने दावा किया था कि उस घटना में ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रहा और किसी प्रकार का डेटा लीक नहीं हुआ. हालांकि, हालिया साइबर हमलों के पीछे किसका हाथ है, इस पर ईरानी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. इससे पहले ईरानी अधिकारी इस तरह के साइबर हमलों के लिए इजराइल जैसे विदेशी विरोधी तत्वों को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं. वहीं, इजराइल ने ऐसे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.
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