US से युद्ध की आशंका के बीच ईरान में धमाके, तेहरान के आसमान में धुएं का गुबार

अमेरिका से तनाव और युद्ध की आशंका के बीच ईरान के तेहरान प्रांत में एक धमाका हुआ है. इस ब्लास्ट की वजह से एक बहुमंजिला इमारत में आग लग गई है. ईरानी एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया है और स्थानीय लोगों को वहां जाने की अनुमति नहीं है.

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ईरान के तेहरान में ब्लास्ट (Photo: X/@IranIntl) ईरान के तेहरान में ब्लास्ट (Photo: X/@IranIntl)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:13 PM IST

ईरान के तेहरान प्रांत में ब्लास्ट हुआ है. तेहरान के पारंद शहर में  एक बिल्डिंग के ऊपर धुएं का गुबार देखा गया है.  सोशल मीडिया पर चल रहे फुटेज में आसमान में काला धुआं उठता देखा गया है. रिपोर्ट के मुताबिक पारंद शहर में एक बिल्डिंग में धमाका हुआ है. अभी किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं आई है.

ईरान की सरकारी मीडिया ने पारंद फायर डिपार्टमेंट के हवाले से बताया कि शहर के पास जो काला धुआं देखा गया वह पारंद नदी के किनारे आग लगने की वजह से हुआ है. फायर डिपार्टमेंट ने यह भी बताया कि फायर फाइटर्स मौके पर पहुंच गए हैं. ईरान ने अभी किसी नुकसान से इनकार किया है,

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अमेरिका-इजरायल से तनाव के बीच ईरान में हाल के दिनों में कई धमाके हुए हैं. ईरान ने ऐसे धमाकों को बाहरी हमला मानने से इनकार किया है. 

 

इसके अलावा शिराज प्रांत में शहर के बाहरी इलाके में एक पहाड़ी इलाके में एक धमाके की आवाज़ सुनी गई, हालांकि इसका कारण पता नहीं चल पाया है.

यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब इलाके में तनाव बढ़ रहा है. अमेरिका मिडिल ईस्ट में और फाइटर जेट, जंगी जहाज और एयर-डिफेंस सिस्टम के साथ अपनी मिलिट्री मौजूदगी बढ़ा रहा है. साथ ही ईरान के साथ उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत चल रही है और अगर डिप्लोमेसी फेल हो जाती है तो टकराव का खतरा भी है.

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सैटेलाइट इमेज से सामने आई ईरान की तैयारी

इधर ईरान चुपके-चुपके युद्ध की तैयारियां कर रहा है. ईरान महत्वपूर्ण  मिलिट्री साइट पर क्रंकीट के रक्षाकवच बना रहा है. अमेरिका-इजरायल को इसकी जानकारी न लगे इसलिए ईरान ने शील्ड को मिट्टी से ढक दिया है. लेकिन सैटेलाइट इमेज में पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड हो गई है. जिन जगहों में ईरान नए निर्माण कर रहा है वो वैसी जगहें हैं जहां इजरायल ने 2024 में बमबारी की थी. 

रॉयटर्स की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि ईरान ने पिछले साल इजरायल के साथ 12 दिन के युद्ध के दौरान अमेरिकी हमले में हुए नुकसान की मरम्मत कर रहा है. इमेज बताते हैं कि ईरान ने एक न्यूक्लियर साइट पर जाने वाले सुरंग के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया है, दूसरी साइट के टनल के एंट्रेस को और मजबूत किया है, और उन मिसाइल बेस की मरम्मत कर रहा है जिन पर अमेरिका ने बम गिराया था. 

लंबे समय से चले आ रहे ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में कोई समाधान नहीं दिख रहा है. जिनेवा में 17 फरवरी को ओमान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे 'अच्छी प्रगति' बताया है और कहा है कि अब आगे के लिए ड्राफ्ट तैयार किए जा रहे हैं. लेकिन मंगलवार को ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होरमुज को बंद कर दिया और मिसाइल फायर किए. इस कदम से ईरान ने यह मैसेज दे दिया है अगर उस पर दबाव बनाया गया तो वह दुनिया को तेल सप्लाई करने वाले स्ट्रेट ऑफ होरमुज को बंद कर देगा. 

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इधर अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान अभी अमेरिका की 'रेड लाइंस'को पूरी तरह स्वीकार नहीं कर रहा. 

इस बीच सैटेलाइट से कैप्चर की गईं ये तस्वीरें बताती हैं कि ईरान जंग के विकल्प को अभी भी खारिज नहीं कर रहा है. 

परचिन मिलिट्री कॉम्पलेक्स

तेहरान से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में परचिन कॉम्प्लेक्स ईरान की सबसे सेंसिटिव मिलिट्री साइट्स में से एक है. पश्चिम की खुफिया एजेंसियों का मानना है कि तेहरान ने दो दशक से भी पहले वहां न्यूक्लियर बम विस्फोट से जुड़े टेस्ट किए थे. 

माना जाता है कि इज़रायल ने अक्टूबर 2024 में परचिन पर हमला किया था. 

हमले से पहले और बाद में ली गई सैटेलाइट इमेजरी में परचिन में एक रेक्टेंगुलर बिल्डिंग को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है, और 6 नवंबर 2024 की इमेज में साफ़ तौर पर फिर से बनाया गया है. 

परचिन मिलिट्री कॉम्पलेक्स (Photo: Reuters)

12 अक्तूबर 2025 की इमेजरी में साइट पर डेवलपमेंट दिख रहा है, जिसमें एक नए स्ट्रक्चर का ढांचा दिख रहा है और उसके पास दो छोटे स्ट्रक्चर हैं. 14 नवंबर की इमेजरी में प्रोग्रेस साफ दिख रही है, जिसमें ऐसा लग रहा है कि बड़े स्ट्रक्चर को मेटल की छत से ढका गया है. 

लेकिन 13 दिसंबर की इमेजरी में यह जगह थोड़ी ढकी हुई दिख रही है. 16 फरवरी तक, यह बिल्कुल भी दिखाई नहीं दे रहा था, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह एक कंक्रीट स्ट्रक्चर से छिपा हुआ था.

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इस्फहान न्यूक्लियर कॉम्पलेक्स में सुरंग बंद किया गया

इस्फहान कॉम्प्लेक्स ईरान के उन तीन यूरेनियम-एनरिचमेंट प्लांट में से एक है, जिन पर जून में अमेरिका ने बमबारी की थी.  न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल का हिस्सा बनने वाली फैसिलिटी के अलावा इस्फ़हान में एक अंडरग्राउंड एरिया भी है, जहां डिप्लोमैट्स का कहना है कि ईरान का ज़्यादातर एनरिच्ड यूरेनियम स्टोर किया गया है. 

इस्फहान न्यूक्लियर सेंटर की तस्वीर.

जनवरी के आखिर में ली गई सैटेलाइट इमेज में कॉम्प्लेक्स में दो टनल एंट्रेंस को दबाने की नई कोशिशें दिखीं.  9 फरवरी के अपडेट में तीसरे एंट्रेंस को भी मिट्टी से भर दिया गया है, जिसका मतलब है कि टनल कॉम्प्लेक्स के सभी एंट्रेंस अब "पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं.

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