पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के तीन साल पूरे होने पर बुधवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थकों ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किया और रैलियां निकालीं.
इस दौरान पंजाब और सिंध प्रांतों में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 100 से ज़्यादा समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया. मुख्य रैली खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर में आयोजित की गई, जहां पीटीआई की सरकार है. लाहौर, मियांवाली, रावलपिंडी और कराची में पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. इस दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों से भी मारपीट की गई.
पंजाब-सिंध में पुलिस का एक्शन
लाहौर के मॉल रोड पर इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तितर-बितर कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दंगा रोधी पुलिस को बल प्रयोग करते देखा गया. रैली की कवरेज कर रहे कुछ पत्रकारों की पिटाई भी की गई, जिसका मीडिया संगठनों ने विरोध किया.
PTI कार्यकर्ता समेत सांसद गिरफ्तार
पीटीआई पंजाब के महासचिव चौधरी बिलाल एजाज ने बताया कि लाहौर में 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें 5 विधायक शामिल हैं. इसके अलावा मियांवाली और रावलपिंडी समेत पंजाब के अन्य हिस्सों में कम से कम 50 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया.
वहीं, कराची में पुलिस ने शहर के सदर टाउन इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे PTI समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और 10 से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया. पार्टी ने ये भी दावा किया कि पनो अकील में 6 और कंधकोट में 15 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है.
जेल में बिगड़ी इमरान की सेहत
पीटीआई नेता मूनिस इलाही ने आरोप लगाया कि जेल में इमरान खान को उचित मेडिकल इलाज नहीं मिल रहा है और उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो गई है. इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि उनकी रिहाई का आंदोलन शुरू हो चुका है. शेरियार अफरीदी ने कहा कि राष्ट्र कप्तान इमरान खान के साथ खड़ा है.
इस बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी अधिकारियों से 73 वर्षीय क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान के अधिकारों का सम्मान करने का अपील की है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल की कार्यवाहक क्षेत्रीय निदेशक इसाबेल लासी ने कहा कि तीन वर्षों से पाकिस्तानी अधिकारी इमरान खान को निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार से वंचित कर रहे हैं. उन्हें आठ महीने से अधिक समय से परिवार से मिलने नहीं दिया गया है और दिसंबर 2025 से कानूनी सलाह तक नियमित पहुंच नहीं दी गई है.
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