अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इजरायल और ईरान से तुरंत 'गोलीबारी' रोकने को कहा, दोनों देशों के बीच सीधी लड़ाई का एक नया दौर शुरू होने से पूरे इलाके में तनाव और बढ़ने का डर पैदा हो गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "इजरायल और ईरान को तुरंत 'गोलीबारी' बंद कर देनी चाहिए."
यह अपील तब की गई, जब ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं और इजरायल ने ईरान के अंदर हमले किए. इन हमलों में रडार और एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले भी शामिल थे, जिनका मकसद इजरायली विमानों के लिए रास्ता साफ करना था. इजरायली अधिकारियों ने कहा कि सेना कई दिनों तक चलने वाली लड़ाई के लिए तैयार है और उसने आगे के हमलों की योजना को मंजूरी दे दी है.
ईरान ने दी धमकी!
अगर एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रहे, तो ईरान ने इजरायल, अमेरिका और उनके सहयोगियों से जुड़ी तेल और गैस सुविधाओं को निशाना बनाने की धमकी भी दी. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने हाइफा में इंडस्ट्रियल साइट्स पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह ईरानी पेट्रोकेमिकल सुविधा पर हुए हमले का बदला था.
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तनाव ईरान और इजरायल से आगे भी फैल गया. यमन के हूथी विद्रोहियों ने कहा कि वे इजरायल पर समुद्री नाकाबंदी फिर से शुरू कर रहे हैं और इजरायली जहाजों के लिए बाब अल-मंडेब स्ट्रेट को बंद कर रहे हैं. इसके साथ ही, उन्होंने तेल अवीव इलाके की ओर मिसाइल दागने का भी दावा किया.
IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने इजरायल पर हमला करके दो महीने के संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है, जबकि इजरायल ने समझौते को नहीं तोड़ा है. उन्होंने दावा किया कि रात भर में ईरान से 22 मिसाइलें और यमन से दो मिसाइलें दागी गईं और सेना कई दिनों या उससे भी लंबे वक्त तक चलने वाली लड़ाई के लिए तैयार है.
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