क्या ट्रंप की धमकियों से मान जाएंगे पुतिन? रूस-यूक्रेन युद्ध समाधान की ओर बढ़ेगा या और भड़केगा

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह किसी भी समय रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं और यूक्रेन युद्ध खत्म करने में अहम भूमिका निभाना चाहते हैं. लेकिन अगर पुतिन इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो रूस को इसका खामियाजा उठाना होगा.

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डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:09 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक्शन मोड में हैं. कई साल से चल रहे रूस और यूक्रेन युद्ध खत्म करने को लेकर उन्होंने पुतिन से बातचीत की इच्छा जताई है. लेकिन साथ ही सधे हुए शब्दों में पुतिन को चेताया भी है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ट्रंप की धमकियों का पुतिन पर कोई फर्क पड़ने वाला है?

ट्रंप ने बुधवार को कहा वह किसी भी समय रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिलने के लिए तैयार हैं और यूक्रेन युद्ध खत्म करने में अहम भूमिका निभाना चाहते हैं. लेकिन अगर पुतिन इसके लिए तैयार नहीं होते हैं तो रूस को इसका खामियाजा उठाना होगा.

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उन्होंने कहा कि मैं रूस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता. मुझे रूस के लोग पसंद हैं और राष्ट्रपति पुतिन के साथ भी मेरे अच्छे संबंध रहे हैं. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि दूसरा विश्वयुद्ध जीतने में रूस ने हमारी मदद की है. मैं रूस के दौरे पर जाऊंगा. रूस की अर्थव्यवस्था गिर रही है.

उन्होंने कहा कि हमें इस युद्ध को रोकना होगा. यह सिर्फ भयावह ही होता जाएगा. अगर हमने युद्ध रुकवाने के लिए कोई डील नहीं की तो मेरे पास रूस पर टैरिफ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. इस युद्ध को खत्म कीजिए. अगर मैं पहले राष्ट्रपति होता तो ये युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता. अब समय समझौता करने का है. युद्ध में अब किसी की जान नहीं जानी चाहिए.

ट्रंप की धमकी पर क्या बोली रूस सरकार?

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रूस के पूर्व राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा समिति के डिप्टी चेयरमैन दमित्री मेदवेदेव ने कहा कि जो (बाइडेन) द वॉकिंग डेड अब जा चुके हैं. अगर चीजें जस की तस रहीं तो अमेरिका और रूस के संबंध सामान्य नहीं हो पाएंगे और सच कहूं तो अभी ये स्पष्ट नहीं है कि हमें इसकी जरूरत भी है या नहीं.

ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका में रूसी दूतावास ने जारी बयान में कहा कि हमने अमेरिका के नए राष्ट्रपति के बयान देखें, जिसमें वह रूस के साथ प्रत्यक्ष वार्ता को बहाल करना चाहते है, जो बाइडेन सरकार के समय में बाधित हो गई थी. हम ट्रंप के इस व्यवहार का स्वागत करते हैं. 

संयुक्त राष्ट्र में रूस के उपराजदूत दमित्री पोलिंस्की ने कहा कि यह सिर्फ युद्ध खत्म करने का सवाल नहीं है बल्कि यूक्रेन संकट की असल समस्या का पता लगाने का है. इसलिए हमें देखना होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप की समझ में इस डील का मतलब क्या है. 

उन्होंने सोशल मीडिया पर पुति नका एक पुराना वीडियो रिपोस्ट किया है, जिसमें पुतिन कह रहे हैं कि ये नहीं भूलना चाहिए बर्लिन में कौन घुसा था? अमेरिकी, ब्रिटिश या फ्रेंच? नहीं... रेड आर्मी. क्या आप वह भूल गए हैं?

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पुतिन ने साध रखी है चुप्पी

ट्रंप के इस बयान पर अभी तक सीधे तौर पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कोई बयान नहीं आया है. लेकिन कई रिपोर्ट्स के हवाले से ऐसा कहा जा रहा है कि पुतिन का रुख ट्रंप को लेकर नरम ही रहने वाला है. यूक्रेन युद्ध में फंसा रूस ट्रंप से रिश्ते बिगाड़कर आफत मोल लेना नहीं चाहते. 

क्या और भड़क सकता है युद्ध?

डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन की जंग के लिए अक्सर पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराते आ रहे हैं. राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की शांति चाहते हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि पुतिन जब चाहेंगे तब वो उनसे मुलाकात करेंगे. लेकिन ट्रंप ने इशारों-इशारों में पुतिन को धमकी भी दे डाली. जब उनसे यूक्रेन को हथियारों की फंडिंग को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने मना नहीं कर दिया. यूक्रेन को अमेरिकी हथियार भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो इस पर गौर करेंगे और तो और ट्रंप ने पुतिन पर रूस को बर्बाद करने का भी इल्जाम लगा दिया.

माना जा रहा है कि अगर ट्रंप यूक्रेन को हथियार भेजना जारी रखते हैं और रूस पर कोई प्रतिबंध लगाते हैं तो इससे युद्ध और भड़क सकता है.

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