मेल-इन बैलेट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज हुए डोनाल्ड ट्रंप, जजों पर भड़के, कहा- ये डेमोक्रेट्स से डरते हैं

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मिडटर्म चुनावों से पहले डाक मतपत्रों को सीमित करने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिश को बहाल करने से इनकार कर दिया है. अदालत के इस फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ट्रंप ने जजों पर तीखा हमला बोला और इसे बेहद राजनीतिक फैसला बताया.

Advertisement
ट्रंप ने की अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना. (File Photo: Reuters) ट्रंप ने की अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • भारत,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:19 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें कोर्ट ने आगामी नवंबर के मिडटर्म इलेक्शन से पहले मेल-इन वोटिंग को सीमित करने वाली उनकी पहल को बहाल करने से इनकार कर दिया. कोर्ट का कहना है कि चुनाव अधिकारियों के पास इन बदलावों को लागू करने के लिए पर्याप्त वक्त नहीं था. अदालत के इस फैसले से ट्रंप की चुनावी रणनीति को बड़ा झटका लगा है. इसके बाद ट्रंप ने अदालत के रूढ़िवादी झुकाव वाले बेंच पर कड़ा हमला बोलते हुए इस फैसले को पूरी तरह राजनीतिक और निराशाजनक करार दिया है.

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इस फैसले को 'भयानक' और 'अत्यधिक राजनीतिक' बताया. उन्होंने अदालत के जजों पर असामान्य रूप से कड़ा हमला किया. इनमें उनके पहले कार्यकाल में नियुक्त तीन जज एमी कोनी बैरेट, ब्रेट कवानुआघ और नील गोरसच भी शामिल हैं.

ट्रंप ने लिखा कि ये वह लोग नहीं हैं, जिनका उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सेवा देने के लिए इंटरव्यू लिया था, वो केवल अपने मूल स्वरूप की एक परछाई बनकर रह गए हैं.

ट्रंप ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने वास्तव में हमारे देश को नीचा दिखाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ न्यायाधीश इन भ्रष्ट डेमोक्रेट्स से बुरी तरह डरे हुए हैं और वह अमेरिका को बचाने के लिए जरूरी साहस दिखाने में पूरी तरह असमर्थ हैं.

दरअसल, सोमवार के अदालती फैसले ने उस आदेश को बरकरार रखा, जिसने मेल-इन बैलेट पर सख्त नियम लगाने वाले ट्रंप के मार्च के कार्यकारी आदेश के मुख्य प्रावधानों पर रोक लगा दी थी.

वहीं, मंगलवार को अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने कहा कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का पालन करेगा. हालांकि, उन्होंने 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले मेल-इन वोटिंग में बदलाव की भविष्य की कोशिशों को खारिज नहीं किया. ट्रंप ने पहले बिना किसी सबूत के दावा किया था कि डाक मतदान धोखाधड़ी के लिए संवेदनशील बना हुआ है.

ब्लैंच ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयास सिर्फ नवंबर या उसके बाद नहीं रुकेंगे और ये काम आगे भी जारी रहेगा.

उधर, अदालत के फैसले के बाद मंगलवार को अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने ट्रंप की तीखी बयानबाजी का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति इस नतीजे से बेहद नाखुश थे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी चिंताएं रखने का पूरा अधिकार है. हालांकि, इस फैसले से पहले सुप्रीम कोर्ट ट्रंप प्रशासन को कई बड़ी जीत दे चुका है, जिसमें 2024 में राष्ट्रपति के आधिकारिक कार्यों के लिए व्यापक आपराधिक छूट का ऐतिहासिक फैसला और व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण को मिली हरी झंडी शामिल है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »