उस्मान हादी हत्याकांड में बांग्लादेश पुलिस का नया पैंतरा, चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे

ढाका पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने उस्मान हादी शूटआउट मामले में चार्जशीट दाखिल कर चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, यह एक राजनीतिक हत्या थी, जिसकी साजिश सिंगापुर में रची गई थी.

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उस्मान हादी हत्याकांड मामले में इससे पहले भारत का हाथ होने का दावा किया गया था. (File Photo: ITG) उस्मान हादी हत्याकांड मामले में इससे पहले भारत का हाथ होने का दावा किया गया था. (File Photo: ITG)

आशुतोष मिश्रा

  • ढाका,
  • 07 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:30 AM IST

बांग्लादेश पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने मंगलवार को ढाका मेट्रोपोलिटन कोर्ट में उस्मान हादी हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल की. 12 दिसंबर को चुनावी कार्यक्रम के बाद पलटन रोड पर रिक्शे से जा रहे इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान बिन हादी के सिर में चलती मोटरसाइकिल से आए बदमाशों ने गोली मार दी थी. इसके बाद, इलाज के दौरान सिंगापुर में उनकी मौत हो गई, जिसके बाद पूरे देश में उग्र प्रदर्शन हुए. 

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पुलिस ने अब खुलासा किया है कि यह हत्या पूरी तरह से राजनीतिक थी और इसकी योजना सिंगापुर में बनाई गई थी. चार्जशीट में पूर्व पार्षद ताइजुल इस्लाम चौधरी उर्फ बप्पी सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है. 

उस्मान हादी लगातार प्रतिबंधित दल अवामी लीग के खिलाफ आक्रामक बयान दे रहे थे, जिसकी वजह से उनकी हत्या की साजिश रची गई.

सिंगापुर में बनी हत्या की योजना

पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, उस्मान हादी की हत्या की साजिश सिंगापुर में एक मीटिंग के दौरान रची गई थी. इस बैठक में अवामी लीग सरकार के मंत्री जहांगीर कबीर नानक, पूर्व सांसद इलियास मुल्ला और पूर्व पार्षद ताइजुल इस्लाम मौजूद थे. शूटर फैसल और करीम मसूद भी इस साजिश का हिस्सा थे. करीम मसूद छात्र लीग का पूर्व नेता है, जबकि उसका साथी आलमगीर युवा लीग का कार्यकर्ता है. गोली चलाने वालों में फिलिप नामक शख्स भी शामिल था.

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यह भी पढ़ें: अवामी लीग के इशारे पर हुई हादी की हत्या, बांग्लादेश पुलिस का बड़ा दावा

राजनीतिक कारणों से हुई हत्या

जांच में दावा किया गया है कि उस्मान हादी की हत्या का मुख्य कारण उनके द्वारा अवामी लीग और उसके नेताओं के खिलाफ दिए जा रहे तीखे बयान थे. बांग्लादेश में कुछ तत्व इस हत्या के लिए भारत पर आरोप लगा रहे थे, लेकिन डिटेक्टिव ब्रांच ने साफ किया कि यह एक 'पॉलिटिकल किलिंग' है. पुलिस ने ताइजुल इस्लाम के आदेश पर इस वारदात को अंजाम दिए जाने की पुष्टि की है. फिलहाल अभी तक फैसल, मसूद और फिलिप की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है.

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