तालिबान बोला- अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में किसी देश को दखल नहीं देने देंगे

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हमीद के पिछले हफ्ते अघोषित दौरे पर काबुल जाने के बाद अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के सवाल उठाए जा रहे थे.

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पूरे अफगानिस्तान पर अब तालिबान का राज पूरे अफगानिस्तान पर अब तालिबान का राज

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:58 PM IST
  • तालिबान के बयान से पाकिस्तान को झटका
  • हाल ही में आईएसआई चीफ ने किया था अफगान दौरा
  • आंतरिक मामले में दखल को लेकर उठ रहे थे सवाल

तालिबान ने सोमवार को जोर देकर कहा कि वह पाकिस्तान सहित किसी भी देश को अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा. तालिबान के प्रवक्ता ने यह बात आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद और तालिबानी नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादार की काबुल में हुई मुलाकात के बाद कही. उनकी तरफ से कहा गया कि युद्धग्रस्त देश में सरकार को अंतिम रूप देने के प्रयास जारी हैं. 

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दरअसल, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल हमीद के पिछले हफ्ते अघोषित दौरे पर काबुल जाने के बाद अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के सवाल उठाए जा रहे थे. उसी के संदर्भ में खामा न्यूज ने बताया कि तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि तालिबान पाकिस्तान सहित किसी भी देश को अफगानिस्तान के मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा.

15 अगस्त को तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया था. इसके बाद आईएसआई चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हमीद अफगानिस्तान का दौरा करने वाले पहले उच्च पदस्थ विदेशी अधिकारी थे. बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुजाहिद ने इस बात की पुष्टि की है कि आईएसआई प्रमुख ने काबुल की यात्रा के दौरान मुल्ला बरादर से मुलाकात की थी.

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मुजाहिद ने कहा कि तालिबान ने इस्लामाबाद को आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान के खिलाफ अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. इससे पहले, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल हमीद के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तालिबान के निमंत्रण पर काबुल गया था. लेकिन तालिबान ने कहा कि इस्लामाबाद ने ही इस यात्रा का प्रस्ताव दिया था. रविवार को तालिबान ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के प्रमुख काबुल और इस्लामाबाद के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए अफगानिस्तान आए थे.

तालिबान सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्ला वासिक ने कहा कि तालिबानी नेताओं ने लेफ्टिनेंट जनरल हमीद के साथ द्विपक्षीय संबंधों और अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तोरखम और स्पिन बोल्डक दर्रे पर अफगान यात्रियों की समस्याओं के बारे में बातचीत की.

वसीक ने टोलो न्यूज के हवाले से कहा, "पाकिस्तानी अधिकारी सीमावर्ती इलाकों, खासकर तोरखम और स्पिन बोल्डक में अफगान यात्रियों की समस्याओं को हल करने के लिए आए हैं. वे काबुल की यात्रा खुद चाहते थे और हमने उनकी बात मान ली."

पाकिस्तान ने गुरुवार को सुरक्षा खतरों के कारण खैबर पख्तूनख्वा में तोरखम वाणिज्यिक शहर के बाद अफगानिस्तान के साथ दूसरी सबसे बड़ी वाणिज्यिक सीमा बिंदु चमन सीमा पार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया. अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुजाहिद ने कहा कि काबुल के हालिया प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अफगानिस्तान के अंदर कैदियों की रिहाई से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण क्रॉसिंग बंद कर दी गई थी, और देश में प्रवेश करने या छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए जांच का अनुरोध किया गया.

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अहमद मसूद ने जारी किया ऑडियो मैसेज 

उधर, दूसरी तरफ तमाम दावों के बीच पंजशीर में तालिबान को चुनौती दे रहे नॉर्दर्न अलायंस के प्रमुख अहमद मसूद ने सोमवार को एक ऑडियो संदेश जारी किया. ऑडियो संदेश में मसूद ने लोगों से तालिबान के खिलाफ उठने का आह्वान किया. मसूद ने अपने ऑडियो संदेश में पाकिस्तान को भी आड़े हाथों लिया.

अहमद ने कहा है कि हर देश पाकिस्तान की से वाकिफ है लेकिन फिर भी खामोश हैं. मसूद ने कहा है कि रेजिस्टेंस फ्रंट के लड़ाके अजेय हैं. उन्होंने पंजशीर में पाकिस्तान और तालिबान की ओर से बमबारी किए जाने की पुष्टि भी की. उन्होंने कहा कि पंजशीर में रेजिस्टेंस फोर्स मौजूद है. 

आपको बता दें कि पंजशीर में तालिबान और पाकिस्तान की ओर से की गई बमबारी में फहीम के साथ ही अहमद मसूद के परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं. मसूद ने अपने संदेश में कहा है कि पाकिस्तान ने पंजशीर में अफगानों पर सीधा हमला किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पंजशीर में अफगानों पर हमला किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय चुपचाप देखता रहा. अहमद मसूद ने अपने ऑडियो संदेश में भी कहा है कि वे खून की आखिरी बूंद तक हार नहीं मानेंगे.

तालिबानी नेता की चीनी राजदूत से मुलाकात

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तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के उप प्रमुख मावलवी अब्दुल सलाम हनीफी ने सोमवार को काबुल में चीनी राजदूत से मुलाकात की और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने कहा कि राजदूत ने चीन की निरंतर मानवीय सहायता का वादा किया.

 

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