पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद TMC में जो भूचाल उठा है, उसके कारण ममता बनर्जी से पार्टी के नेता एक-एक छिटकते जा रहे हैं. काकोली घोष, सुखेंदु शेखर, सुष्मिता देव के बाद अब अगला नाम कल्याण बनर्जी का भी हो सकता है. गुरुवार को सामने आया है कि कल्याण बनर्जी ने साफ अल्टीमेटम दे दिया है कि 'अभिषेक बनर्जी या उनमें से किसी एक को चुनो.' इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ सांसद और वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ कल्याण बनर्जी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए खुद को अभिषेक बनर्जी के कानूनी मामले (केस) से पूरी तरह अलग कर लिया है.
केस की तैयारी के बीच आधी रात का फोन कॉल और...
लेकिन इस मामले में सामने आया है कि उन्होंने खुद को केस से अलग नहीं किया बल्कि इसके पीछे की कहानी 'आधी रात के एक फोन कॉल' में छिपी हुई है. कल्याण बनर्जी ने कहा है कि ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी को हटाएं. नहीं तो हम पार्टी में नहीं रह सकते. अपना दर्द बयां करते हुए उन्होंने कहा- 'कि वे अभिषेक बनर्जी से जुड़े तलाशी और समन के एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी मामले को कोर्ट में संभाल रहे थे. उन्होंने कोर्ट में घंटों इंतजार किया और केस की पूरी तैयारी की, लेकिन आधी रात को उन्हें अचानक बताया गया कि उनकी जिगह कोई और वकील इस केस में बहस करेगा.
मुझे डस्टबिन की तरह इस्तेमाल मत कीजिए- कल्याण बनर्जी
कल्याण बनर्जी ने इसे अपना घोर अपमान बताते हुए कहा, 'यह बेहद अपमानजनक है. मुझे आधी रात को बताया जाता है कि वकील बदल दिया गया है. इससे साफ है कि मुझ पर कभी भरोसा ही नहीं किया गया. मुझे डस्टबिन की तरह ट्रीट मत कीजिए. अगर किसी और को केस करना था तो पहले बता देना चाहिए था. आधी रात को मुझे बताया गया कि अब मेरी जरूरत नहीं है. यह बेहद अपमानजनक है.'
'अभिषेक बनर्जी का अड़ियल रवैया नामंजूर'
कल्याण बनर्जी ने सीधे तौर पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर अहंकार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'वह (अभिषेक) कौन हैं? वह बेहद अहंकारी व्यक्ति हैं. वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना नहीं जानते और सभी के साथ कर्मचारियों जैसा व्यवहार करते हैं.' कल्याण ने दावा किया कि साल 2022 से ही अभिषेक ने उन पर कभी भरोसा नहीं किया और उनके इसी अड़ियल रवैये के कारण आज पूरी पार्टी बर्बाद हो गई है.
बता दें कि, कल्याण बनर्जी की गिनती ममता बनर्जी के करीबी और विश्वासी नेताओं में होती है. पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद कल्याण बनर्जी कई अहम मामलों में कोर्ट के भीतर भी टीएमसी से जुड़े मामलों की पैरवी करते नजर आए हैं. फर्जी हस्ताक्षर से संबंधित जिस केस में अभिषेक बनर्जी भी आरोपी हैं, उस मामले में भी कल्याण बनर्जी ही वकील थे.
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