तृणमूल कांग्रेस की बागी सांसद शताब्दी रॉय राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से वापस बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गई हैं. उन्होंने आजतक से बातचीत में कहा कि यह निश्चित रूप से एक चुनौती है. लोगों ने दूसरी जगह वोट दिया क्योंकि वे बदलाव चाहते थे. हम NDA के सहयोगी बनेंगे.
उन्होंने आगे कहा, "मेरा अब भी मानना है कि अभिषेक बहुत होशियार और समझदार युवा हैं. वे बहुत कुछ हासिल कर सकते थे, लेकिन किसी वजह से वह गुमराह हो गए. उनमें राजनीति की क्षमता थी."
शताब्दी रॉय ने आगे कहा, "हम अभी बिल्कुल शुरुआती चरण में हैं. जब 2009 में टीएमसी मुश्किल में थी, तब मैं उसके साथ खड़ी रही. मैंने 17 साल दिए हैं, शिकायतें पहाड़ की तरह जमा हो गई हैं. इन घटनाओं के बाद लिए गए इस फैसले ने निश्चित रूप से सभी को प्रभावित किया है."
सोशल मीडिया पर सियासी उबाल...
वहीं, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने महुआ मोइत्रा के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनका सपोर्ट किया है. कुणाल घोष ने लिखा, "कुछ दिन पहले उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, 'CID ममता के घर पर है, तुम कहां हो?' मैंने जवाब दिया, 'मैं वहीं हूं, दीदी के घर के ठीक सामने.' फिर उन्होंने बताया, "नयना आ रही हैं.' मैं और मदन मित्रा वहां थे और नयना दी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन 4 दिन बाद मैंने देखा कि नयना दी के कोलकाता में दीदी के घर आने के बजाय, सुदीप दा खुद दिल्ली में बीजेपी नेताओं के घर पहुंच गए थे."
'हम गलत थे...'
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को टैग करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "दादा, आपको 2017 में गिरफ्तार किया गया था और रोज वैली घोटाले में जेल भेजा गया था. तब आपने बीमारी का बहाना बनाया और जेल से अस्पताल जाने के लिए बीजेपी सरकार की मदद ली. अब फिर से आपने बीमारी का बहाना बनाया, जिससे दिल्ली जाकर गद्दारी कर सकें. तापस रॉय और कुणाल घोष आपके बारे में सही थे, हम गलत थे."
अनुपम मिश्रा