LIVE: चार की मौत, 15 अभी भी मलबे में दबे... कोलकाता हादसे में बचाए गए 21 लोग

कोलकाता के तारातला इलाके में एक निर्माणाधीन फैक्ट्री शेड गिरने से मलबे में दबे चार लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे में अभी भी 15 लोग दबे हुए हैं.

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पश्चिम बंगाल के कोलकाता नें निर्माणाधीन गोदाम की शेड ढह गई है पश्चिम बंगाल के कोलकाता नें निर्माणाधीन गोदाम की शेड ढह गई है

अनिर्बन सिन्हा रॉय / तपस सेनगुप्ता / राही हलदर

  • नई दिल्ली,
  • 24 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:23 PM IST

कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया. यहां एक निर्माणाधीन फैक्ट्री शेड के गिरने से चार लोगों की मौत हो गई है. इस हादसे में अभी तक 21 लोगों को बचाया गया है. सामने आया है कि मलबे में अभी भी 15 लोग दबे हुए हैं. 

हादसे से बचाए गए लोगों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है. मलबे के नीचे फंसे लोगों को ढूंढने और निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. हालांकि अभी यह सामने नहीं आ सका है कि इमारत के भीतर कितने लोग फंसे थे. घायलों को उपचार के लिए शहर के SSKM Hospital भेजा गया है.

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NDRF, सेना, पुलिस सभी बचाव कार्य में जुटे- सीएम शुभेंदु अधिकारी

तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम के शेड गिरने की घटना पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा- 'एनडीआरएफ, सेना, एसडीआरएफ, पुलिस और दमकल विभाग सभी मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं. अब तक 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है."

उन्होंने कहा, 'घायलों के इलाज के लिए SSKM Hospital पूरी तरह सक्रिय है. अभी भी लगभग 12 से 18 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है. फंसे हुए कुछ लोगों का भारतीय सेना के साथ संपर्क भी हुआ है और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं." हालांकि बाद में मरने वालों की संख्या चार हो गई है.

राज्य में सभी निर्माण कार्यों पर लगी रोक

मुख्यमंत्री ने बड़ा फैसला लेते हुए 'कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकार के तहत चल रहे सभी निर्माणाधीन इमारतों के काम पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी निर्माण परियोजनाओं, विशेष रूप से व्यावसायिक परियोजनाओं का ऑडिट कराया जाएगा. ऑडिट और जांच पूरी होने के बाद ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी. फिलहाल 1 अगस्त तक काम स्थगित रहेगा.

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मृतकों की पहचान हुई

वहीं, सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मैं कल विधानसभा में बताऊंगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई की जाएगी. शुरुआती जानकारी के अनुसार भवन के नक्शे (प्लान) में कुछ खामियां होने की बात सामने आई है." उन्होंने बताया कि भारतीय सेना और एनडीआरएफ ने जानकारी दी है कि मलबे के भीतर अभी भी कुछ लोग जीवित हैं. बचाव दल ने विशेष चैनल के जरिए फंसे लोगों तक भोजन और पानी पहुंचाया है. उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं.

सीएम ने कहा कि हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों की पहचान रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी के रूप में हुई है, जबकि एक अन्य मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है. प्रशासन अन्य पीड़ितों की पहचान करने और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है.
 

इस हादसे से जुड़े LIVE Updates यहां देखें.

शाम 6:12 बजे- मृतकों की संख्या बढ़कर तीन से चार हो गई है.

शाम 5:45 बजे- हादसे के तीन मृतकों में से दो की पहचान हो गई है. मृतकों की पहचान रोहित चौधरी और कृष्णा चौधरी के रूप में हुई है

शाम 5:30 बजे- सीएम शुभेंदु अधिकारी मौके पर हैं. उन्होंने घटना की जानकारी दी है. 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है.

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उन्होंने कहा, 'घायलों के इलाज के लिए SSKM Hospital पूरी तरह सक्रिय है. अभी भी लगभग 12 से 18 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है.'

शाम 5:22 बजे- मलबे में अभी भी 18 लोगों के दबे होने की बात सामने आई है.

शाम 5:18 बजे- हादसे में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.

शाम 4ः50 बजे- मलबे से निकाले गए 18 घायलों को SSKM अस्पताल में भेजा गया है.

शाम 4:45 बजे- पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल पर राहत व बचाव कार्य का जायजा लिया 

शाम 4:30 बजे- केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने कहा, 'अभी-अभी यह हादसा हुआ है. इस समय सबसे महत्वपूर्ण काम राहत और बचाव अभियान है. बचाव कार्य जारी है और हमारी सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है.' उन्होंने कहा, कि हो सकता है कि इस निर्माण की अनुमति पिछली सरकार के दौरान दी गई हो. ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में यह भी देखा गया था कि कोलकाता नगर निगम ने कई ऐसे निर्माण कार्यों को अनुमति दी थी जो अवैध थे. सरकार इस पूरे मामले की जांच करेगी और सभी पहलुओं को देखेगी.'

मजदूरों पर गिरे बीम और भारी स्लैब

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सामने आया है कि शेड में काम कर रहे मजदूरों पर लोहे के बड़े भारी बीम और कंक्रीट के स्लैब गिर पड़े, जिससे उन्हें निकलने का मौका नहीं मिला और वह मलबे में ही दबे रह गए. ढांचा गिरने के तुरंत बाद, बचाव दल मौके पर पहुंचा और लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्हें मलबे के नीचे से मदद के लिए चीखें सुनाई दे रही थीं, क्योंकि बचाव दल अंदर दबे लोगों तक पहुंचने के लिए जी-जान से काम कर रहे थे.

मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार

घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल उज्ज्वल कुमार ने हादसे के बाद का भयावह मंजर बताया. उन्होंने कहा कि मलबे के नीचे दबे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. उन्होंने और उनके साथियों ने मौके पर पहुंचकर फंसे लोगों को पानी पिलाया और राहत कार्य में मदद की.

ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था काम

मौके पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि नीचे ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था. पहली और दूसरी मंजिल पर कंक्रीट के स्ट्रक्चर का काम पूरा हो चुका था. नीचे काम करते हुए लोगों पर ही पूरी इमारत ढह गई. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि कंक्रीट डालने के काम के दौरान शेड ढह गया और उन्होंने यह भी कहा कि घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. 

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भारी बीम बन रही रेस्क्यू ऑपरेशन में रोड़ा

भारी बीम और मोटी सरिया के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कत आ रही है इसलिए उन्हें हटाने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि फंसे हुए लोगों तक पहुंच बनाने के लिए  ड्रिलिंग की जा रही है. कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन टीम के एक सदस्य ने कहा, 'मलबे के नीचे से लोगों के शोर सुनकर आवाज की दिशा में काम किया जा रहा है.' पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थिति पर नज़र रखने और बचाव एवं राहत कार्यों के समन्वय के लिए राज्य सचिवालय नबन्ना में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है. राज्य मंत्री इंद्रनील खान ने बचाव कार्यों की समीक्षा करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया.

कैसे हुआ हादसा, होगी जांच- इंद्रनील खान

इंद्रनील खान ने कहा है कि, 'हम हादसे के कारणों और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जांच भी करेंगे, लेकिन अभी हमारी प्राथमिकता लोगों को बचाना है.' शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल और कोलकाता नगर आयुक्त स्मिता पांडे भी घटनास्थल पर पहुंचीं, जबकि भाजपा नेता राकेश सिंह इससे पहले ही वहां का दौरा कर चुके थे. पिछले छह से सात महीनों से गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था. यह ज़मीन बेहेरा ब्रदर्स कंस्ट्रक्शन के शंभू बेहेरा की है, जबकि इस प्रोजेक्ट को डिवेलप असगर खान कर रहे थे. असगर खान का इलाके में दबदबा बताया जाता है. सामने आ रहा है कि इमारत के बनाए जाने में सुरक्षा मानकों और सुरक्षित निर्माण के तौर-तरीकों का पालन नहीं किया गया था. इन दावों पर आगे की जांच की जा रही है.

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सरकार करेगी पूरे मामले की जांच- केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार

इस हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री सुकांता मजुमदार ने कहा, 'अभी-अभी यह हादसा हुआ है. इस समय सबसे महत्वपूर्ण काम राहत और बचाव अभियान है. बचाव कार्य जारी है और हमारी सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है.' उन्होंने कहा, कि हो सकता है कि इस निर्माण की अनुमति पिछली सरकार के दौरान दी गई हो. ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में यह भी देखा गया था कि कोलकाता नगर निगम ने कई ऐसे निर्माण कार्यों को अनुमति दी थी जो अवैध थे. सरकार इस पूरे मामले की जांच करेगी और सभी पहलुओं को देखेगी.'

तारातला में निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरने के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन, दमकल विभाग और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से काम कर रही हैं. हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है.

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