छाता या रेनकोट नहीं, यहां बारिश में घर से निकलने के लिए 'बूट' है सहारा... सालभर रहता है पानी, सांपों के खौफ में कट रही जिंदगी

Hooghly Waterlogging Ground Report: हुगली के चक बांसबेड़िया में सालभर जमा रहता है पानी. सांपों के खौफ में बच्चे और बुजुर्ग बूट पहनने को मजबूर. जानिए ग्रामीणों की पूरी दास्तान...

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बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पैरों में  बूट पहनने को मजबूर.(Photo:ITG) बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक पैरों में बूट पहनने को मजबूर.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • हुगली,
  • 08 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 7:33 PM IST

बरसात में छाता या रेनकोट नहीं, घर से निकलने के लिए बूट (Boot) ही सबसे बड़ा सहारा. गांव के हर घर में परिवार के प्रत्येक सदस्य के लिए गमबूट रखे जाते हैं. हुगली के चक बांसबेड़िया इलाके में करीब सालभर पानी जमा रहने के कारण ग्रामीण जलभराव से परेशान हैं. किसी भी काम से घर से बाहर निकलते समय सांप के काटने से बचने के लिए हर किसी को बूट पहनना पड़ता है.

साल के अधिकांश समय यह इलाका पानी में डूबा रहता है. बारिश के मौसम में घरों में भी पानी घुस जाता है और ग्रामीणों को उसी गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ता है. सड़े और दुर्गंधयुक्त पानी के कारण लोगों को त्वचा संबंधी बीमारियों की शिकायत हो रही है. लेकिन सबसे बड़ा डर सांपों का बना रहता है.

सांप के काटने से बचने के लिए इलाके के लगभग हर घर में बूट खरीदे गए हैं. छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बूट पहनकर पानी पार करते हुए रास्ता तय करते हैं. स्थिति ऐसी है कि हर परिवार को कई जोड़ी बूट रखने पड़ते हैं. घर से बाहर कदम रखते ही पानी में उतरना पड़ता है, इसलिए यहां बूट लोगों की मजबूरी बन चुके हैं. देखें VIDEO:- 

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स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार सप्तग्राम पंचायत को जलजमाव की समस्या की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ.

इलाके में जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण एक बार बारिश होने के बाद पानी निकल नहीं पाता. पास में मौजूद जलाशय के पानी के ओवरफ्लो होने से पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है.

चक बांसबेड़िया में एक स्कूल भी है, लेकिन जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है. स्कूल के शिक्षकों ने भी जल्द से जल्द जलजमाव की समस्या दूर करने की मांग की है. (रिपोर्ट: पार्था राहा)

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