टीएमसी के बड़े सितारे छोड़ गए साथ, अब ममता बनर्जी के पास कितनी ताकत बची?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ही टीएमसी ताश के पत्ते की तरह बिखरती जा रही है. एक-एक कर टीएमसी के विधायक और सांसद सियासी पाला बदलते जा रहे हैं. ममता बनर्जी के तमाम मजबूत सिपहसलार और बड़े सितारी भी बगावत की राह पर चल पड़े हैं.

Advertisement
ममता बनर्जी की महिला ब्रिगेड हुई बागी (Photo-ITG) ममता बनर्जी की महिला ब्रिगेड हुई बागी (Photo-ITG)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:27 AM IST

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होने के बाद से ममता बनर्जी का सियासी संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. टीएमसी विधायक से लेकर सांसद तक एक-एक कर ममता बनर्जी का साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब हालत यह हो गई है कि सयानी घोष से लेकर युसुफ पठान और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े सितारे भी बागी खेमे के साथ खड़े हो गए हैं. 

Advertisement

15 साल तक बंगाल में एकछत्र राज करने के बाद सत्ता हाथ से निकलते ही टीएमसी में असंतोष फूट पड़ा है. टीएमसी में तमाम बड़े सिपहसलार अलग राह पर चल पड़े हैं, जिससे ममता बनर्जी के हाथों से पार्टी निकलती जा रही है. 
   
टीएमसी के 19 बागी सांसदों के नाम सामने आ गए हैं, जो काकोली घोष दस्तीदार के अगुवाई में अलग गुट बनाने का फैसला किया है. इस फेहरिश्त में उन सभी नेताओं के नाम है, जिन्हें ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि बंगाल में ममता के पास कितनी ताकत बची है? 

TMC के बड़े सितारे छोड़ गए ममता का साथ
बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी ने एक जनवरी 1998 को कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस का गठन किया था. इसके बाद 13 साल तक ममता बनर्जी संघर्ष कर साढे तीन दशक से सत्ता पर काबिज लेफ्ट को उखाड़ फेका था. ममता के इस सियासी संघर्ष के रहे तमाम टीएमसी नेता धीरे-धीरे साथ छोड़ गए. अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी ने कई नए चेहरों को सियासत में लाए और सियासी पहचान दी, लेकिन सत्ता बदलते ही उनके मोहभग हो गए. 

Advertisement

काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई वाले बागी गुट में शत्रुघ्न सिन्हा, जगदीश चंद्र बसुनिया, खलीउर रहमान, यूसुफ पठान, अबू ताहिर खान, पार्थ मौमिक, बापी हलधर, सायोनी घोष, माला रॉय, मिताली बाग, दीपक अधिकारी, कालीपद सोरेन, जून मालिया, अरूप चक्रवर्ती, शर्मिला सरकार, असित कुमार मल्ल, शताब्दी रॉय और रचना बनर्जी शामिल है. ये ऐसे नाम है, जिनकी राजनीतिक को ममता बनर्जी ने सियासी पहचान दी, लेकिन अब बीजेपी खेमे के साथ खड़े होने के लिए बेताब है. 

ममता बनर्जी के पास कितने सांसद बचे
2024 के लोकसभा चुनावों में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी ने राज्य की कुल 42 लोकसभा सीटों में 29 पर जीत हासिल की थी. बीजेपी 12 और कांग्रेस को एक सीट मिली थी, चुनावों के बाद टीएमसी के बशीरहाट से ससद हाजी नुरुल इस्लाम की मौत हो गई थी. टीएमसी के पास 28 लोकसभा सांसद है, जिसमें से 19 सांसद बागी हो गई है. इसके बाद ममता बनर्जी के साथ सिर्फ 9 लोकसभा सांसद ही बचे हैं. 

ममता बनर्जी के पास बचे टीएमसी लोकसभा सांसदों में फिलहाल कीर्ति आजाद, अभिषेक बनर्जी, सौगात राय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मोंडल, सुदीप बंधोपाध्याय, महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी और सजदा अहमद हैं. 

टीएमसी के 13 राज्यसभा सांसद हैं, जिसमें  दो सांसदों ने इस्तीफा दिया है. सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने राज्यसभा सदस्यता के साथ-साथ टीएमसी से भी इस्तीफा दे दिया है. इन दोनों के अब बीजेपी से राज्यसभा जाने की चर्चा. इस तरह 11 राज्यसभा सांसद बच रहे हैं, लेकिन उनसे में से भी कितने सांसद ममता के साथ रहेंगे, ये कहना मुश्किल है. 

Advertisement

ममता बनर्जी के पास कितने विधायक बचे
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव चुनाव में टीएमसी के टिकट पर 80 विधायक जीतकर आए, जिसमें से ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को ममता बनर्जी ने बाहर कर दिया था. इसके बाद  टीएमसी के 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया और अगुवाई ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुन लिया. टीएमसी के कुछ अन्य विधायकों ने भी साथ छोड़ा है. 

ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि अब उनके पास 64 विधायकों का समर्थन है और एक विधायक के हमारे साथ जुड़ने के बाद संख्या 65 हो जाएगी. इस तरह 80 में से 65 विधायक अब ममता बनर्जी से अलग होकर अपना अलग गुट बना लिया है और  ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता मान लिया है. टीएमसी के 65 विधायकों के बागी होने के बाद ममता बनर्जी के साथ सिर्फ 15  विधायक ही बच रहे हैं. इसके अलावा बंगाल के तमाम बड़े शहरों के मेयर अपना इस्तीफा दे दिए हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »