पत्नी से अनबन, हाथ में इंजेक्शन, फिर बेड पर मिली डॉक्टर की लाश... वाराणसी में एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर की आत्महत्या

वाराणसी के हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के यूरोलॉजिस्ट डॉ. गौतम शुभंकर ने घरेलू कलह व अवसाद के चलते एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली. मूल रूप से पटना के रहने वाले डॉक्टर का शव कमरे में मिला, जिसके पास सिरिंज व खाली शीशी बरामद हुई. पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.

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डॉक्टर गौतम शुभंकर की कमरे में मिली लाश (Photo- Screengrab) डॉक्टर गौतम शुभंकर की कमरे में मिली लाश (Photo- Screengrab)

रोशन जायसवाल

  • वाराणसी,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST

वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि 42 वर्षीय यूरोलॉजिस्ट ने घरेलू कलह के कारण जान दी थी.

आपको बता दें कि 42 वर्षीय यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर गौतम शुभंकर मूल रूप से पटना के कंकड़बाग निवासी थी. उन्होंने दो दिन पहले वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के भदवर स्थित हेरिटेज मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के कमरा नंबर 802 में एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली. 

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पिछले तीन महीनों से वह अवसादग्रस्त थे और पत्नी के साथ उनकी अनबन चल रही थी. शुक्रवार शाम को ड्यूटी के बाद उन्होंने कमरे में यह कदम उठाया, और शनिवार शाम को दरवाजा तोड़कर उनका शव बरामद किया गया, जिसके पास सिरिंज और एनेस्थीसिया की खाली शीशी मिली थी.

पुलिस जांच और फोरेंसिक पड़ताल जारी

पुलिस के अनुसार, जब डॉक्टर ने फोन कॉल नहीं उठाया तो साथी डॉक्टर्स उनके कमरे तक पहुंचे थे. कमरा अंदर से बंद था और मोबाइल फोन स्विच ऑफ जा रहा था. पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो डॉक्टर का शव बेड पर बैठे हुए हालात में आगे की ओर पूरी तरह से झुका हुआ मिला. उनके मोबाइल फोन की भी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि मामले के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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