बरेली के बारादरी थाना पुलिस ने मंगलवार को सब-इंस्पेक्टर अखिलेश उपाध्याय की शिकायत पर अज्ञात पतंगबाजों और मांझा विक्रेताओं के खिलाफ धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है. मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार में गन्ना विकास राज्यमंत्री संजय गंगवार के 15 वर्षीय भतीजे आदित्य वीर गंगवार 15 जून की सुबह करीब 7 बजे जब श्यामगंज फ्लाईओवर से दौड़ने जा रहे थे, तभी सड़क पर बिखरे प्रतिबंधित चीनी मांझे की चपेट में आकर उनकी गर्दन, होंठ और कान पर गहरे व जानलेवा कट लग गए थे. गंभीर रूप से घायल किशोर का फिलहाल एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.
सुबह दौड़ने जाने के दौरान हुआ हादसा
पीड़ित आदित्य वीर गंगवार प्रेम नगर इलाके के त्रिवटी नाथ मंदिर के पास बीडीए कॉलोनी का निवासी है. शनिवार सुबह वह गांधी उद्यान में दौड़ने के लिए घर से निकला था. जैसे ही वह श्यामगंज फ्लाईओवर पर पहुंचा, वहां सड़क पर लावारिस छूटे तीखे चीनी मांझे ने उस पर एक घातक हथियार की तरह वार कर दिया।. इससे उसके होंठ, कान, गर्दन के पिछले हिस्से और निचले हिस्से में गहरे जख्म हो गए. पुलिस के मुताबिक चोटें इतनी गंभीर थीं कि किशोर की जान भी जा सकती थी.
बरेली में चीनी मांझे पर पहला 'अटेंप्ट टू मर्डर' का केस
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीक ने बताया कि बरेली जिले में चीनी मांझे से जुड़ी चोटों को लेकर दर्ज किया गया यह पहला ऐसा मामला है जिसमें हत्या के प्रयास की धारा लगाई गई है. सब-इंस्पेक्टर उपाध्याय ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रतिबंधित चीनी मांझे का उपयोग, बिक्री और प्रसार सीधे तौर पर मानव जीवन के लिए एक बड़ा खतरा है. इस जानलेवा धागे का इस्तेमाल करना किसी की जान लेने की कोशिश करने जैसा ही गंभीर अपराध है, इसलिए अज्ञात लोगों पर यह कड़ी कार्रवाई की गई है.
छापेमारी जारी, अस्पताल पहुंचे मंत्री संजय गंगवार
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग पूरी तरह सतर्क है. एसएसपी मानुष पारीक के अनुसार, प्रतिबंधित मांझे के सप्लायरों और विक्रेताओं का पता लगाने के लिए पिछले दो दिनों में शहर के कई हिस्सों में छापेमारी की गई है, हालांकि अभी तक कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई है. इस बीच, अपने घायल भतीजे से मिलने अस्पताल पहुंचे राज्यमंत्री संजय गंगवार ने व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चीनी मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा रखा है, तो फिर यह अब तक बाजार में कैसे उपलब्ध है?
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