उत्तर प्रदेश के बहराइच में कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ सेंचुरी से सटे इलाकों से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. कतर्नियाघाट के पास का गांव धनियाबेली आए दिन हिंसक वन्यजीवों की दस्तक से दहल उठता है. अब यहां एक मां की ममता और बहादुरी की मिसाल देखने को मिली.
धनियाबेली में अपने मासूम बच्चे के साथ घर में सो रही 26 साल की लाली देवी पर अचानक एक तेंदुए ने हमला कर दिया. अपने बच्चे और खुद की जान बचाने के लिए महिला बिना डरे खूंखार तेंदुए से भिड़ गई.
बीती रात करीब 12 बजे धनियाबेली निवासी जय प्रकाश की पत्नी लाली देवी अपने बच्चे के साथ घर के कमरे में सोई हुई थीं. इसी दौरान जंगल से निकलकर एक तेंदुआ चुपके से घर के भीतर दाखिल हो गया और सीधे सो रही लाली देवी पर झपट पड़ा.
एक मिनट तक चला जानलेवा संघर्ष
अचानक हुए इस जानलेवा हमले से लाली देवी घबराई नहीं. उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए का मुकाबला शुरू कर दिया और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं. लगभग एक मिनट तक लाली देवी और तेंदुए के बीच संघर्ष चलता रहा. महिला की चीख-पुकार और बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण जमा हो गए.
पड़ोसियों ने लाठियां बजाकर और शोर मचाकर हांका लगाना शुरू किया. ग्रामीणों के भारी शोर और महिला के कड़े प्रतिरोध के आगे तेंदुए को आखिरकार पीछे हटना पड़ा और वो जंगल की ओर भाग निकला.
अस्पताल में कराया गया भर्ती
तेंदुए के हमले में लाली देवी के हाथ, जांघ और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं. घटना की सूचना मिलते ही वन दरोगा अनिल पटेल पुलिस और वन विभाग की टीम के साथ धनियाबेली गांव पहुंचे. परिजनों की मदद से घायल लाली देवी को तुरंत एम्बुलेंस से सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. फर्स्ट ऐड के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सीएचसी मोतीपुर रेफर कर दिया.
DFO ने दिए सतर्क रहने के निर्देश
मामले की जानकारी देते हुए डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि घटना के बाद से ही क्षेत्र में वन विभाग की गश्त और कॉम्बिंग बढ़ा दी गई है. इसके साथ ही आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
राम बरन चौधरी