ऑनलाइन ट्रेडिंग का झांसा देकर 1.31 करोड़ की ठगी, 26 ATM कार्ड और 24 बैंक पासबुक के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए गाजियाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से 26 ATM कार्ड, 24 बैंक पासबुक, 19 चेकबुक, लैपटॉप, सात सिम कार्ड, पासपोर्ट और फर्जी दस्तावेजों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है.

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KU COIN और MINGCOIN के नाम पर बिछाया था जाल.(Photo: Rahul Kumar/ITG) KU COIN और MINGCOIN के नाम पर बिछाया था जाल.(Photo: Rahul Kumar/ITG)

राहुल कुमार

  • सहारनपुर,
  • 28 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने 1 करोड़ 31 लाख 25 हजार 200 रुपये की साइबर ठगी के मामले में गाजियाबाद से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से बैंकिंग और फर्जी दस्तावेजों का बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ है.

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रविवार को एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि बेहट रोड स्थित मंगलम एंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अंशुल गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर उनसे करोड़ों रुपये निवेश कराए गए.

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पीड़ित ने जब निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की तो उसे पैसा वापस नहीं मिला. इसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.

KU COIN और MINGCOIN के नाम पर बिछाया था जाल

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी KU COIN ऐप और MINGCOIN ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर फर्जी निवेश का नेटवर्क चला रहे थे. लोगों को कम समय में अधिक मुनाफा देने का लालच देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई जाती थी.

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तकनीकी जांच में पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिली. इसके बाद बैंक खाते, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी पहुंची. वहीं से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों के साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं.

भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और उपकरण बरामद

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के छपरा निवासी सद्दाम और झारखंड के धनबाद निवासी जावेद अंसारी के रूप में हुई है. दोनों गाजियाबाद में किराये के मकान में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे.

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, स्कैनर, पीओएस मशीन, विभिन्न कंपनियों के पंपलेट, उद्यम रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, सात सिम कार्ड, पासपोर्ट और अलग-अलग नामों के आधार कार्ड बरामद किए हैं.

इसके अलावा 26 ATM, डेबिट और क्रेडिट कार्ड, 24 बैंक पासबुक, 19 चेकबुक, चेक और बिल बुक सहित बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. पुलिस का मानना है कि इनका इस्तेमाल फर्जी कंपनियां और बैंक खाते खोलकर साइबर ठगी के लिए किया जाता था.

13 अन्य शिकायतों से भी जुड़े मिले आरोपी

एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज है. जांच के दौरान इनका संबंध 13 अन्य साइबर अपराध शिकायतों से भी सामने आया है.

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पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क, अन्य साथियों और ठगी की रकम के लेनदेन की जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देश के अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया.

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग या निवेश में भारी मुनाफे का झांसा देने वाले लोगों से सतर्क रहें. किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें. यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं.

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