अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विवाद के बीच ट्रस्टी और निर्मोही अखाड़ा के महंत दिनेंद्र दास महाराज ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने चंपत राय के इस्तीफे, अनिल मिश्रा पर लगे आरोपों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत पर अपनी बात रखी.
7 जुलाई को हुई खास मीटिंग में मौजूद रहे दिनेंद्र दास महाराज ने चंपत राय की चिट्ठी और अनिल मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए.
दिनेंद्र दास ने कहा कि आपस में दोनों में प्रेम था. वो कोषाध्यक्ष थे, उन्हें देखना चाहिए था, नहीं देखेंगे तो गलती हो ही जाएगी. जो चोरी हुई, वो राम लला की है. जो हमारे सदस्य हैं, उन्हें तन मन धन से देखना चाहिए था.
'गलती हुई है, दंड मिलेगा...'
महंत दिनेंद्र दास आगे कहते हैं, "सभी सदस्य चंपत राय के इस्तीफे के पक्ष में नहीं थे. अनिल मिश्रा अगर दोषी है, तो जो दंड दिया जाएगा. उसके लिए हमारे सदस्य तैयार हैं. राम लला का मामला है, ट्रस्ट का मामला है, आपस में समन्वय बनाना जरूरी था, पैरवी करना भी जरूरी था. अगर कहीं भी कमी होगी, तो गलती होगी ही.
उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय मामले में हर तीसरे महीने बैठक होती है. क्या खर्च हुआ, क्या आया इन सबकी जानकारी आती है. जो निर्माण हो रहा है, वो भी बताया जाता है. गलती हो गई है, दंड मिलेगा.
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दिनेंद्र दास ने गोपाल राय पर बोलते हुए कहा, "यह ठीक है कि शासन उनको दंड दे रहा है. गलती हमारी भी हो सकती है, हमें भी दंड मिल सकता है. दंड मिलना चाहिए, जिसने भी यह कृत किया है. चंपत राय ठीक व्यक्ति हैं. मुख्यमंत्री खुद इस मामले को देख रहे हैं, दंड मिलेगा."
समर्थ श्रीवास्तव