'होटल, लग्जरी कारें, 50 रूम का हॉस्टल कहां है...', राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपी टिन्नू की पत्नी ने मांगा सबूत

अयोध्या राम जन्मभूमि दान और प्रॉपर्टी विवाद में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने पति पर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा कि उनके परिवार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है और आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है. पूनम ने दावा किया कि उनका घर 2008 में खरीदा गया था और 2015 में बना था.

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राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के लिए गठित की गई है SIT. (Photo: ITG) राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच के लिए गठित की गई है SIT. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • अयोध्या,
  • 17 जून 2026,
  • अपडेटेड 9:31 AM IST

अयोध्या राम जन्मभूमि दान और प्रॉपर्टी विवाद के आरोपों पर अब चंपत राय के सहयोगी रामशंकर यादव, उर्फ ​​टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव का बयान आया है. पूनम ने पति पर लग रहे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. पूनम ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है. क्या किसी के पास कोई ठोस सबूत है? वे बस उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. इसमें कोई सच्चाई नहीं है.

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पूनम ने कहा कि दावा किया जा रहा है कि मेरे पति के पास 50 कमरे का घर, एक हॉस्टल, एक होटल और लग्ज़री कारें हैं. ऐसा कुछ भी नहीं है. फिर भी, लोग ऐसे बयान दे रहे हैं. अगर ऐसा कुछ भी लिया गया होता, तो मैं चिल्ला-चिल्लाकर रो रही होती? यह उन्हें बदनाम करने की साज़िश है. उन्हें फंसाया जा रहा है और उनकी छवि खराब की जा रही है. 

मैंने घर 2008 में ही ले लिया था: पूनम यादव
हम पिछले 15 दिनों से बहुत तनाव में हैं. हमें मानसिक तनाव दिया जा रहा है... मैंने वह घर 2008 में खरीदा था. यह 2015 में बना था, राम मंदिर का फ़ैसला आने से पहले. मेरे पास जो कुछ भी है, वह सब साफ़-सुथरा है..." आपको बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का विवाद इस वक्त सुर्खियों में है. इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. वहीं जांच के लिए एसआईटी का भी गठन कर दिया गया है.

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उधर, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को यानी कि दूसरे दिन भी अपनी पड़ताल जारी रखी. एसआईटी की टीम मंगलवार को करीब 11 घंटे तक मंदिर परिसर के भीतर रहकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच करती रही. इससे पहले पहले दिन टीम ने लगभग 8 घंटे तक जांच की थी. इस तरह दो दिनों में अब तक कुल 19 घंटे की विस्तृत पड़ताल की जा चुकी है.

हर तथ्य की बरीकी से जांच कर रही है एसआईटी टीम
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान टीम ने मंदिर में चढ़ावा एकत्र करने की प्रक्रिया, उसकी निगरानी व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और बैंक में धनराशि जमा किए जाने की पूरी प्रणाली का बारीकी से अध्ययन किया. जांच अधिकारी संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की भी पड़ताल कर रहे हैं.

चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. टीम तथ्यों को जुटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से लगातार मंदिर प्रशासन और संबंधित कर्मचारियों से जानकारी एकत्र कर रही है.जांच पूरी होने के बाद एसआईटी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी.

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