प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बढ़ते जलस्तर के बीच संगम स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर में मां गंगा ने अपने पुत्र बजरंगबली को देर रात स्नान करा दिया. जैसे ही गंगा का पवित्र जल मंदिर के गर्भगृह में पहुंचा, पूरा मंदिर परिसर जयकारों और आरती से गूंज उठा. यह एक ऐसा मंदिर है जहां बजरंगबली लेटे हुए यानी विश्राम की अवस्था में भक्तों को दर्शन देते हैं.
आपको बता दें कि कई नदियों के पानी छोड़े जाने से संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसी बीच शनिवार देर रात एक दुर्लभ और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला, जब मां गंगा का जल प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया.
मंदिर के गर्भगृह में पानी पहुंचते ही भक्तिमय हो उठा परिसर
मान्यता के अनुसार इसे मां गंगा द्वारा अपने पुत्र बजरंगबली को स्नान कराने का शुभ अवसर माना जाता है. जैसे ही गंगा का जल गर्भगृह में प्रवेश किया, मंदिर के महंत और साधु-संतों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का स्वागत किया. पूजा-अर्चना और भव्य आरती की गई. दूध, दही, घी और पंचामृत अर्पित कर मां गंगा का अभिनंदन किया गया. इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज और "हर-हर गंगे" तथा "जय श्री राम" के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा.
धार्मिक मान्यता है कि जब मां गंगा अपने पुत्र हनुमान को स्नान कराती हैं, तो सुख, समृद्धि और मंगल का आगमन होता है. इस दुर्लभ क्षण के दर्शन को अत्यंत सौभाग्यशाली माना जाता है. पूजा-अर्चना संपन्न होने के बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए हैं. अब गंगा का जल स्तर घटने और मंदिर परिसर से पानी निकलने के बाद साफ-सफाई की जाएगी. इसके उपरांत ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट दोबारा खोले जाएंगे. तब तक श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही लेटे हनुमान जी के दर्शन कर सकेंगे. इस वर्ष यह दूसरी बार है जब मां गंगा ने हनुमान जी को स्नान कराया है.
पंकज श्रीवास्तव