प्रतीक यादव की अचानक हुई मौत के बाद अब जांच का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है. पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने कई अहम बिंदुओं पर पड़ताल शुरू कर दी. इसी सिलसिले में डीसीपी स्तर के अधिकारी अपर्णा यादव के आवास पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से घटना की पूरी जानकारी ली. ताकि उनकी आखिरी गतिविधियों और घटनाक्रम को समझा जा सके.
डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने अपर्णा यादव के घर पहुंचकर परिवार और वहां मौजूद करीबियों से बातचीत की. पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि बुधवार सुबह आखिर घर के अंदर क्या हुआ था, प्रतीक यादव की तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी और उन्हें किस हालत में अस्पताल ले जाया गया. डीसीपी ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि समय-समय पर आप लोगों को सारी जानकारी दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ सामान जांच के लिए कब्जे में लिया गया है, जिसकी जानकारी बाद में साझा की जाएगी.
पोस्टमार्टम में नहीं मिला चोट का निशान
सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम की शुरुआती जांच में प्रतीक यादव के शरीर पर किसी तरह की बाहरी चोट का निशान नहीं मिला है. यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां मेडिकल एंगल और स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को ज्यादा गंभीरता से देख रही हैं. बताया जा रहा है कि डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है. इसके साथ-साथ हार्ट को भी प्रिजर्व किया गया है. मेडिकल टीम का मानना है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर दोबारा जांच के लिए यह जरूरी हो सकता है. सूत्रों के अनुसार प्रतीक यादव का वजन पिछले कुछ समय में काफी बढ़ गया था. ऐसे में अगर मौत की वजह हार्ट अटैक जैसी कोई स्थिति सामने आती है, तो हार्ट की विस्तृत जांच आगे मददगार हो सकती है. हालांकि अभी तक डॉक्टरों या परिवार की तरफ से मौत की वजह को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
किचन में अचानक गिर पड़े थे प्रतीक : दोस्त का दावा
प्रतीक यादव और अपर्णा यादव परिवार के करीबी बिजनेसमैन मुकेश बहादुर सिंह ने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है. वह सुबह से पोस्टमार्टम हाउस में अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट के साथ मौजूद रहे. उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह प्रतीक यादव की तबीयत अचानक बिगड़ी और वह घर के किचन में बेसुध होकर गिर पड़े. इसके बाद घर में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें आनन-फानन में सिविल अस्पताल ले जाया गया. मुकेश बहादुर सिंह ने कहा, मैंने बॉडी को करीब से देखा है. सोशल मीडिया पर जो तरह-तरह की बातें चल रही हैं, वे सही नहीं हैं. डॉक्टर बेहतर जानते हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक इंतजार करना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि जितना उन्होंने शव को देखा, उसमें न तो शरीर नीला पड़ा था और न ही किसी तरह के चोट के निशान दिखाई दिए.
सुबह 5:55 बजे अस्पताल पहुंचे थे
सिविल अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बुधवार सुबह 5:55 बजे प्रतीक यादव को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि उन्हें तुरंत आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन शुरुआती जांच में ही शरीर में जीवन के कोई संकेत नहीं मिले. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी पल्स नहीं चल रही थी और आंखें पूरी तरह फिक्स थीं. शरीर में मौत के लगभग सभी लक्षण मौजूद थे. इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
अखिलेश यादव के बयान के बाद उठे सवाल
प्रतीक यादव के निधन के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख और उनके बड़े भाई अखिलेश यादव का बयान भी चर्चा में आ गया है. पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अखिलेश यादव मीडिया से बात करते हुए भावुक नजर आए. उन्होंने कहा, प्रतीक अपनी हेल्थ को लेकर बहुत जागरूक था और अपने बिजनेस में भी व्यस्त रहता था. इसके बाद उन्होंने कहा, कई बार बिजनेस में नुकसान होने पर व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान हो जाता है. अखिलेश यादव के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठने लगे. लोग यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या प्रतीक यादव किसी आर्थिक दबाव या बिजनेस से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे थे. हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. न परिवार ने और न ही डॉक्टरों ने इस तरह की किसी बात की पुष्टि की है.
फिटनेस सेक्टर में बड़ा नाम थे प्रतीक यादव
प्रतीक यादव फिटनेस इंडस्ट्री में बड़ा नाम माने जाते थे. वह लखनऊ में हाई एंड जिम और फिटनेस सेंटर चलाते थे. उन्होंने ‘दि फिटनेस प्लानेट’ और ‘आयरन कोर फिट जिम’ जैसे फिटनेस सेंटर शुरू किए थे. सोशल मीडिया पर भी वह फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर काफी सक्रिय रहते थे. उनके इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अक्सर वर्कआउट की तस्वीरें और वीडियो दिखाई देते थे. फिटनेस ब्रांड प्रमोशन के जरिए भी वह कमाई करते थे और युवाओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी. फिटनेस कारोबार के अलावा प्रतीक यादव रियल एस्टेट सेक्टर में भी सक्रिय थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा था. उनका कारोबार प्रॉपर्टी निवेश, खरीद-फरोख्त और निर्माण परियोजनाओं तक फैला हुआ था. ऐसे में अब सवाल यह भी उठ रहे हैं कि क्या कारोबार में किसी तरह की आर्थिक चुनौती चल रही थी. हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
राजनीति से दूर, लेकिन चर्चा में रहने वाला चेहरा
प्रतीक यादव हमेशा राजनीति से दूर रहे, लेकिन यादव परिवार का हिस्सा होने के कारण वह लगातार चर्चा में बने रहते थे. वह मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे. उन्होंने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से पढ़ाई की थी और बाद में बिजनेस की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई.
अंकित मिश्रा