लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी यानी KGMU से जुड़ी एंबुलेंस को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है. KGMU रजिस्ट्रार के नाम से रजिस्टर्ड एक एंबुलेंस साल 2017 से फिटनेस में फेल थी. इसके बावजूद इसका इस्तेमाल मरीजों को लाने और ले जाने के लिए किया जा रहा था. मामला सामने आने के बाद लखनऊ ARTO ने एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई की है. जांच के दौरान ऐसी कुल पांच एंबुलेंस पर कार्रवाई की गई. इनमें एक एंबुलेंस का चालान 17 हजार रुपये का किया गया है.
ARTO की कार्रवाई में केवल एक एंबुलेंस पर 17 हजार रुपये का चालान नहीं हुआ है. 17 हजार रुपये का चालान एक गाड़ी का है. बाकी एंबुलेंस पर अलग-अलग 5 हजार और 3 हजार रुपये के चालान किए गए हैं. पांचों एंबुलेंस पर कुल मिलाकर करीब 50 हजार रुपये के चालान किए गए हैं. सबसे अहम मामला KGMU रजिस्ट्रार के नाम से रजिस्टर्ड उस एंबुलेंस का है, जिसकी फिटनेस वर्ष 2017 से फेल थी. यानी करीब 10 साल से फिटनेस के बिना चल रही यह एंबुलेंस मरीजों के इस्तेमाल में लाई जा रही थी.
पांच एंबुलेंस पर करीब 50 हजार रुपये का चालान
लखनऊ ARTO ने एंबुलेंस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. कार्रवाई के बाद विभाग ने ऐसी अन्य गाड़ियों को भी चिह्नित करने की बात कही है, जिनकी फिटनेस से जुड़ी स्थिति नियमों के मुताबिक नहीं है. ARTO की ओर से कहा गया है कि ऐसी अन्य गाड़ियों को भी चिह्नित कर आगे कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पांच एंबुलेंस पर कार्रवाई के बाद कुल करीब 50 हजार रुपये का चालान किया गया है.
दूसरी गाड़ियों पर भी होगी कार्रवाई
मामले में सबसे ज्यादा 17 हजार रुपये का चालान उस एंबुलेंस का किया गया है, जो KGMU रजिस्ट्रार के नाम से रजिस्टर्ड है और वर्ष 2017 से फिटनेस में फेल बताई गई है. फिटनेस फेल होने के बावजूद मरीजों को लाने-ले जाने में इसके इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद ARTO ने शिकंजा कसा है.
आशीष श्रीवास्तव