उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने अपनी छोटी बेटी पद्मजा का 8वां जन्मदिन बेहद अनूठे और भावुक अंदाज में मनाया. मंगलवार को लखनऊ चिड़ियाघर (नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान) पहुंचीं अपर्णा यादव और उनकी बेटी ने जू की मशहूर मादा जिराफ 'सुजाता' को औपचारिक रूप से एक साल के लिए गोद ले लिया.
चिड़ियाघर परिसर में अपर्णा यादव ने बेटी, चिड़ियाघर के अधिकारियों, कर्मचारियों और बच्चों की मौजूदगी में केक काटकर जन्मदिन की खुशियां बांटीं.
बेटी की जिद पर तुरंत मानीं मां
दरअसल, जन्मदिन से एक दिन पहले यानी सोमवार को पद्मजा लखनऊ चिड़ियाघर घूमने आई थी. इस दौरान उसे मादा जिराफ 'सुजाता' इतनी पसंद आई कि उसने उसे ही गोद लेने की ख्वाहिश जताई. बेटी की इस मासूम इच्छा का सम्मान करते हुए मां अपर्णा यादव ने बिना देर किए तुरंत सहमति दे दी.
अपर्णा यादव ने बताया कि यह भावुक पहल उन्होंने अपने दिवंगत पति प्रतीक यादव की स्मृति और उनके पशु-प्रेम को समर्पित करते हुए की है. दोनों बच्चों की भी यही दिली इच्छा थी कि अपने पिता की याद में किसी बेजुबान वन्यजीव को सहारा दिया जाए. इस मौके पर उन्होंने आम जनमानस से भी वन्यजीवों की देखभाल और संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की. देखें VIDEO:-
₹5.51 लाख का चेक और डाइट का पूरा ब्योरा
जिराफ की एक साल की पूरी खुराक, देखभाल और मेडिकल व्यवस्था के खर्च के तौर पर अपर्णा यादव ने चिड़ियाघर प्रशासन को 5 लाख 51 हजार रुपये का चेक सौंपा.
जिराफ की देखभाल एक बड़ी चुनौती
चिड़ियाघर के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. उत्कर्ष के अनुसार, जिराफ जैसे विशालकाय और संवेदनशील वन्यजीव की सेहत का ख्याल रखना काफी चुनौतीपूर्ण काम है.
दैनिक आहार: सुजाता की रोज की खुराक में करीब 16 से 18 प्रकार के अनाज, मौसमी फल, चना, जौ और विशेष चारा शामिल होता है.
हरी पत्तियां: वह रोजाना 15 से 20 किलोग्राम ताजी पत्तियां खाती है. हालांकि पत्तियों का प्रबंध जू परिसर के भीतर ही हो जाता है, लेकिन बाकी पौष्टिक आहार और नियमित मेडिकल केयर पर भारी बजट खर्च होता है.
मौसम के अनुसार बदलाव: जिराफ की शारीरिक बनावट के कारण मौसम के मिजाज के हिसाब से उसकी डाइट में लगातार बदलाव किए जाते हैं.
अंकित मिश्रा