उत्तर प्रदेश के कानपुर में दिल्ली-हावड़ा हाईवे के किनारे गुरुवार सुबह मिली महिला की लाश की पहचान हो गई है. मृतका की पहचान मंतशा के रूप में हुई है, जो कानपुर के जाजमऊ स्थित एक जिम में ट्रेनर थी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, महिला की हत्या करने के बाद शव हाईवे किनारे फेंका गया था. वह मूल रूप से केरल की रहने वाली थी और उन्नाव के गंगाघाट में अपने पिता के साथ रहती थी.
मंतशा के पिता विजय कुमार उन्नाव के गंगाघाट स्थित अखलाक नगर में रहते हैं. उनके मुताबिक, बेटी गुरुवार सुबह जिम जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी. काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने तलाश शुरू की. इसी दौरान उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया.
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परिजनों ने गुरुवार को ही गंगाघाट थाने में मंतशा की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. शुक्रवार शाम को परिवार को सूचना मिली कि कानपुर के महाराजपुर इलाके में हाईवे किनारे एक महिला का शव मिला है. इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और वहां मौजूद शव के कपड़ों और तस्वीरों के आधार पर उसकी पहचान अपनी बेटी के रूप में की.
पिता ने की बेटी की पहचान, एक युवक पर जताया शक
विजय कुमार ने बताया कि शव की पहचान होने के बाद उन्हें पता चला कि उनकी बेटी की हत्या की गई है. परिवार ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पिता ने एक युवक पर शक जताया है. पुलिस इस पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
एसीपी महाराजपुर आशुतोष सिंह के मुताबिक, शुक्रवार सुबह महिला का शव हाईवे किनारे मिला था. उसकी पहचान कराने के लिए पुलिस ने पोस्टर जारी किए थे. शुक्रवार रात मृतका के पिता विजय कुमार महाराजपुर थाने पहुंचे और शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई
एसीपी ने बताया कि महिला की गुमशुदगी उन्नाव के गंगाघाट थाने में दर्ज है. फिलहाल शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मंतशा की हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की. पिता की ओर से जिस युवक पर संदेह जताया गया है, उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है. फिलहाल हत्या के पीछे की वजह और आरोपी का खुलासा नहीं हुआ है.
रंजय सिंह