उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से बेसिक शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां एक प्राथमिक विद्यालय में पहली कक्षा के छह वर्षीय छात्र को क्लासरूम में बंद करके स्टाफ घर चला गया. स्कूल की छुट्टी होने के बाद मासूम करीब डेढ़ से दो घंटे तक कमरे के अंदर फंसा रहा और बाहर निकलने के लिए लगातार रोता-चिल्लाता रहा. जब बच्चा काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. काफी खोजबीन के बाद वह स्कूल के कमरे में बंद मिला. घटना का वीडियो भी सामने आया है.
घटना शुक्रवार की है. पहली कक्षा में पढ़ने वाला छह साल का बच्चा स्कूल आया था. रोज की तरह छुट्टी हुई, बच्चे घर चले गए और स्कूल में ताला भी लग गया. लेकिन किसी शिक्षक या कर्मचारी ने यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि सभी बच्चे बाहर निकले भी हैं या नहीं. उधर, पहली क्लास का ये बच्चा क्लासरूम के अंदर ही रह गया. कमरे में बंद मासूम लगातार रोता रहा. वह दरवाजा पीटता रहा, आवाज लगाता रहा, लेकिन स्कूल परिसर में उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था. करीब डेढ़ से दो घंटे तक वह कमरे में फंसा रहा.
जब काफी देर तक वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार घबरा गया. उन्होंने आसपास तलाश की. कहीं पता नहीं चला तो परिजन स्कूल पहुंचे. वहां पहुंचकर खिड़की से अंदर झांका तो देखा कि बच्चा कमरे के अंदर बैठा रो रहा है. यह नजारा देखकर परिवार के होश उड़ गए. इसके बाद स्कूल स्टाफ को कॉल किया गया. कर्मचारी चाबी लेकर पहुंचे और कमरे का ताला खोला. तब जाकर बच्चे को बाहर निकाला गया. बाहर निकलते ही डरा-सहमा बच्चा अपने परिजनों से लिपट गया.
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इस घटना का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में स्कूल का ताला खुलता दिखाई देता है और फिर बच्चे को बाहर निकाला जाता है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग सवाल उठा रहे हैं. आखिर छुट्टी के समय क्या किसी शिक्षक ने क्लासरूम चेक किया? क्या स्कूल बंद करने से पहले यह नहीं देखा गया कि कोई बच्चा अंदर तो नहीं रह गया? इस मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) समीर का कहना था कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है. पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी.
आदित्य प्रकाश भारद्वाज