बिजनौर में अवैध रूप से चल रही एक पटाखा फैक्ट्री के अंदर ऐसा काम चल रहा था, जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए. पटाखे बनाने की आड़ में यहां बम और कारतूस तैयार किए जा रहे थे. पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बने हुए बम बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री से 1200 किलो से ज्यादा खतरनाक विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है. इसके अलावा करीब 40 कुंतल बने हुए सुतली बम और 315 बोर के कारतूस भी मिले हैं. जांच के दौरान 32 बोर के कारतूस बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है. पुलिस का दावा है कि अगर इतनी बड़ी मात्रा में मौजूद बारूद में किसी तरह विस्फोट हो जाता तो आसपास का बड़ा इलाका इसकी चपेट में आ सकता था. एसपी बिजनौर के.के. बिश्नोई ने इसे बेहद गंभीर और खतरनाक मामला बताया है.
बिजनौर के हीमपुर क्षेत्र के गांव चौक परी में अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी. यह सूचना मुखबिर के माध्यम से एसपी तक पहुंची. इसके बाद पुलिस ने जब फैक्ट्री की जांच कराई तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई. पुलिस ने फैक्ट्री के अंदर छापेमारी की तो बड़ी संख्या में तैयार सुतली बम और कारतूस मिले. इसके साथ ही भारी मात्रा में बारूद बनाने वाली सामग्री भी बरामद की गई. पुलिस के मुताबिक, मौके से 538 किलो पोटेशियम नाइट्रेट, 559 किलो गंधक और 130 किलो एल्युमिनियम पाउडर बरामद हुआ. पुलिस ने इन सभी सामग्री को अपने कब्जे में ले लिया है.
पटाखों की जगह बन रहे थे बम और कारतूस
पुलिस के मुताबिक, जिस जगह पर पटाखे बनाए जाने का काम होना चाहिए था, वहां बम और कारतूस तैयार किए जा रहे थे. पुलिस ने इस मामले में यूसुफ बारूद और उसके साथी गुफरान को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि दोनों काफी समय से पटाखे बनाने की जगह बम और कारतूस तैयार करने का काम कर रहे थे. एसपी के.के. बिश्नोई के अनुसार, फैक्ट्री में बम और बारूद के अलावा गन पाउडर की मदद से 315 बोर और 32 बोर के कारतूस भी बनाए जा रहे थे. इन कारतूसों की सप्लाई महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में किए जाने की बात सामने आई है.
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि तैयार माल अमजद नाम के व्यक्ति को सप्लाई किया जाता था. पुलिस के मुताबिक, अमजद इसका आगे महाराष्ट्र में सप्लाई करता था. पुलिस का कहना है कि अमजद महाराष्ट्र के उस्मानाबाद का रहने वाला है. आरोपियों के मुताबिक, अमजद ही उन्हें बारूद बनाने का कच्चा माल उपलब्ध कराता था. इसके बाद आरोपी उस कच्चे माल से बारूद तैयार करते थे और उससे बम, पटाखे और कारतूस बनाए जाते थे. तैयार माल अमजद को दे दिया जाता था. इसके बाद वह इसे महाराष्ट्र ले जाकर आगे सप्लाई करता था. इससे होने वाले मुनाफे को आरोपियों के बीच बांटे जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है.
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के दूसरे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. अमजद को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम महाराष्ट्र के लिए रवाना हो चुकी है. पुलिस के अनुसार, अमजद की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तैयार बम और कारतूस कहां-कहां सप्लाई किए जाते थे.
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बम बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक तमिलनाडु और महाराष्ट्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी खरीदा जाता था. अब पुलिस उन सभी लोगों और जगहों की जांच कर रही है, जहां से आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री खरीदी थी. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.लपुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी और जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
एसपी बिजनौर के.के. बिश्नोई के मुताबिक, यह फैक्ट्री शहर के पास ही स्थित थी. पुलिस का दावा है कि अगर यहां मौजूद बारूद में विस्फोट हो जाता तो इसका असर बेहद गंभीर हो सकता था. एसपी के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में मौजूद विस्फोटक के कारण करीब 1000 TNT के बराबर धमाके जैसी स्थिति बन सकती थी और इससे पूरे शहर का नक्शा बदलने जैसी तबाही हो सकती थी. उन्होंने कहा कि यह बेहद खतरनाक अपराध है और मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
दूसरी पटाखा फैक्ट्रियों की भी जांच शुरू
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल तेज हो गई है. पुलिस अब दूसरे पटाखा बनाने वाले गोदामों और दुकानों की भी जांच कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कहीं दूसरी जगहों पर भी पटाखा फैक्ट्री की आड़ में इसी तरह बम या कारतूस तो नहीं बनाए जा रहे.
इसके साथ ही पुलिस इस गिरोह के देशभर में संपर्कों की भी जांच कर रही है. किन लोगों से इनके संबंध हैं और तैयार माल की सप्लाई कहां-कहां होती थी, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है. फिलहाल बिजनौर पुलिस ने यूसुफ बारूद और गुफरान को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं सप्लायर अमजद की तलाश में पुलिस टीम महाराष्ट्र पहुंच चुकी है. मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
संजीव शर्मा