बांदा के बिसंडा थाना क्षेत्र के अजीतपारा गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया. खेतों की सिंचाई के लिए बने बोरवेल में मोटर ठीक करने उतरे किसान की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई. उसे बचाने के लिए नीचे गए खेत मालिक की भी जान चली गई. हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया.
मृतकों की पहचान अजीतपारा निवासी 45 वर्षीय किसान लालू और खेत मालिक 45 वर्षीय कृष्ण कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, लालू बोरवेल में लगी मोटर की मरम्मत करने के लिए नीचे उतरे थे. करीब 20 फीट नीचे पहुंचने के बाद वह जहरीली गैस की चपेट में आ गए और अचेत होकर वहीं फंस गए.
यह भी पढ़ें: बाथरूम जाना है... इतना कहकर पुलिस को चकमा दिया और फरार हो गया आरोपी, बांदा कोर्ट में हड़कंप
लालू को मुश्किल में देखकर खेत मालिक कृष्ण कुमार उन्हें बचाने के लिए बोरवेल के अंदर उतर गए. लेकिन नीचे मौजूद जहरीली गैस ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया. दोनों करीब 20 फीट नीचे अचेत अवस्था में फंस गए. सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.
ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ शुरू हुआ रेस्क्यू
पुलिस टीम ने फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की मदद से बोरवेल में फंसे दोनों लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया. रेस्क्यू के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर का इस्तेमाल किया गया. काफी मशक्कत के बाद दोनों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया और तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया. एक ही घटना में दो किसानों की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया. मृतकों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई. स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद खेतों में खुले और गहरे बोरवेल को लेकर भी चिंता जताई.
पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है. घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को जुटाने के साथ पुलिस ने आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. हादसे की जानकारी मिलने के बाद गांव में बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर जुट गए थे.
DSP ने बताया कैसे हुआ हादसा
DSP कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार को बिसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम अजीतपारा से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बोरवेल में पंप की मरम्मत करने के लिए उतरा था. वहां जहरीली गैस होने के कारण वह अचेत होकर फंस गया. उसे बचाने के लिए दूसरा व्यक्ति भी अंदर गया और वह भी बेहोश होकर फंस गया.
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर फायर सर्विस और स्थानीय लोगों की सहायता से रेस्क्यू शुरू किया. ऑक्सीजन सिलेंडर की मदद से दोनों को बोरवेल से बाहर निकाला गया. इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
DSP के मुताबिक, दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने समेत अन्य जरूरी कानूनी कार्रवाई की जा रही है. फिलहाल, हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा है. बोरवेल में जहरीली गैस की मौजूदगी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है.
सिद्धार्थ गुप्ता